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ग्राम सचिव परीक्षा में रविंद्र निकला मुख्य आरोपी, रेलवे में है चतुर्थ श्रेणी कर्मी

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परीक्षा में नकल कराने के आरोपी को अदालत में पेश करने ले जाते पुलिस कर्मचारी। - फोटो : Hisar
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प्रदेश सहित हिसार में भी शनिवार और रविवार को दो दिन चली ग्राम सचिव की परीक्षा के दौरान हिरासत में लिए गए आरोपियों में से अभी तक सोनीपत के भटाना जाफराबाद निवासी रविंद्र को ही पुलिस मुख्य आरोपी बता रही है। पुलिस जांच में सामने आया है कि इन आरोपियों की मदद रविंद्र ने ही की थी। प्रारंभिक जानकारी में यही सामनेे आया है कि आरोपी रविंद्र रेलवे में चतुर्थ श्रेणी कर्मी है और 12वीं कक्षा तक पढ़ा हुआ है।
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रविंद्र फिलहाल दिल्ली की तरफ रेलवे में अपनी सेवाएं दे रहा था। रविंद्र का संपर्क इन आरोपियों से कैसे हुआ, इस बारे में पुलिस अभी कुछ भी बताने से बच रही है। रविंद्र ने आरोपियों से कितने रुपये में डील की थी, इस बारे भी पुलिस का यही कहना है कि अभी पूछताछ जारी है।
वहीं दूसरी ओर मामले में शनिवार को गिरफ्तार कर दो दिन के रिमांड पर चल रहे हिसार के किरोड़ी गांव निवासी प्रवीण कुमार ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसने यह ब्लूटूथ डिवाइस ऑनलाइन खरीदी थी और उत्तर कुंजी सोनीपत निवासी रविंद्र से व्हाट्सएप के माध्यम से प्राप्त की थी। उसने बताया कि वह ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से परीक्षा के दौरान नकल करने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने बताया कि आरोपी रविंद्र को हिसार के डाबड़ा चौक से गिरफ्तार कर सोमवार को अदालत में पेश किया, जहां से उसे दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
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पुलिस का कहना है कि रविंद्र से पूछताछ के आधार पर ही रविवार को मॉडल टाउन के सरकारी स्कूल के बाहर कार सवार राजली निवासी दीपक और महंदागढ़ी निवासी दीपक को काबू किया था। पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपी दीपक ने बताया कि उन्होंने भी मॉडल टाउन के सरकारी स्कूल में बने परीक्षा केंद्र में परीक्षा दे रहे विवेक विहार कॉलोनी निवासी विष्णु को नकल करवाने के उद्देश्य से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस रविंद्र से खरीदी थी।
इन्हें लिया रिमांड पर और जेल भेजा
मामले में पुलिस ने राजली निवासी दीपक, मेहंदागढ़ी निवासी दीपक और विवेक विहार निवासी विष्णु को सोमवार को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया। वहीं रविंद्र को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। इसके अलावा एचएयू कैंपस से पकड़े गए हिंदवान निवासी राकेश और अमित को भी अदालत में पेश कर तीन-तीन दिन के रिमांड पर लिया है। मामले में प्रवीण की मदद करने वाले मतलौडा निवासी जगबीर और टोकस निवासी संदीप से पूछताछ जारी है। वहीं रविंद्र के साथ ही हिरासत में लिए गए सोनीपत के जुआं निवासी आशीष और सोनीपत के भटाना निवासी को हिरासत में लिए जाने की बात को पुलिस अस्वीकार कर रही है।
अधिकारी भी हो सकते हैं शामिल
परीक्षा केंद्रों में जांच के पुख्ता प्रबंधों के बावजूद आरोपियों का डिवाइस सहित केंद्रों में प्रवेश किए जाने को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं इन परीक्षा केंद्रों के सीसीटीवी फुटेज को भी पुलिस देख चुकी है, लेकिन इसको पुलिस जांच का विषय बताकर कुछ भी जानकारी देने से गुरेज कर रही है। पुख्ता प्रबंधों के बावजूद डिवाइस का केंद्रों में प्रवेश बिना किसी मिलीभगत से संभव नहीं हो पाना मुश्किल है। ऐसे में अगर पुलिस जांच गंभीरता से की जाती है तो कई बड़े अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है।

परीक्षा में नकल कराने के आरोपी को अदालत में पेश करने ले जाते पुलिस कर्मचारी। - फोटो : Hisar

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