चोरी के मामले में जेल में बंद था महेंद्र
नारनौंद क्षेत्र के राजपुरा निवासी 40 वर्षीय महेंद्र को पुलिस ने करीब 6 माह पहले चोरी के एक मामले में गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वह केंद्रीय कारागार एक में बंद था। शनिवार शाम महेंद्र की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसे जेल परिसर में स्थित डिस्पेंसरी में ले गए, जहां से चिकित्सक ने नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया। यहां आपातकालीन कक्ष में जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में हार्ट अटैक से मौत होना सामने आया। हालांकि विसरा संरक्षित कर जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा।
डीप फ्रीज में रखवाया शव
महेंद्र को मृत घोषित करने के बाद शव को शवगृह के सामने बने एक कमरे में रखे डीप फ्रिज में रखवा दिया। इस कमरे में दो डीप फ्रिज रखे हैं और दोनों में चार-चार शव रखने की व्यवस्था है। रविवार सुबह महेंद्र के परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। पोस्टमार्टम के लिए शव को डीप फ्रीज से बाहर निकाला तो देखा शव को जगह-जगह से चूहों ने कुतर रखा था। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम करवाया गया।
डीप फ्रीज में नीचे से घुस जाते हैं चूहे
डीप फ्रीज की लंबे समय से देखभाल नहीं की गई है। इसके नीचे से चूहे अंदर घुस जाते हैं और शवों को कुतर डालते हैं। शनिवार रात भी ऐसा ही हुआ। फ्रीज में घुसे चूहों ने शव के कान, नाक, गले, हाथ व पैर कुतर दिए। महेंद्र पांच लड़कों का पिता था। पहली पत्नी से उसके तीन और दूसरी पत्नी से दो बेटे हैं। परिजनों से शव कुतरने के संबंध में सवाल किया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। वे शव लेकर गांव रवाना हो गए।
आसपास के कमरों में भरा कबाड़
जिस कमरे में डीप फ्रीज रखे हैं, उनके आसपास के कमरों में कबाड़ पड़ा है। इसमें चूहों ने अपना ठिकाना बना रखा है। रात में चूहों को एक कमरे से दूसरे कमरे में जाते देखा जा सकता है। अस्पताल प्रशासन ने न तो कबाड़ हटवाकर चूहों को पकड़ने का कोई प्लान बनाया है, न डीप फ्रीज की मरम्मत करवाई है। पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सक और फार्मासिस्ट इस बारे में कई बार पीएमओ को लिख चुके हैं, उसके बाद भी कोई व्यवस्था नहीं की गई।
जल्द ठीक करवाया जाएगा
अस्पताल परिसर के अंदर रखे डीप फ्रिज को ठीक करवाने के लिए कई बार इंजीनियर को बोला है। उसके बाद भी वह नहीं आ रहा। सोमवार को दोबारा से इंजीनियर से बात कर डीप फ्रिज को ठीक करवाया जाएगा। - डॉ. रीना जैन, कार्यकारी पीएमओ, नागरिक अस्पताल हिसार