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दुष्कर्म पीड़िता सिविल अस्पताल में बच्चा छोड़ रवाना

Sun, 06 Nov 2016 01:12 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हिसार
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प्रतीकात्मक चित्र
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13 साल की नूंह निवासी रेप पीड़िता नागरिक अस्पताल में 11 दिन के मासूम को छोड़कर चली गई। अब यह बच्चा नर्सें ही संभाल रही हैं। पीड़िता शुक्रवार शाम को नागरिक अस्पताल से डिस्चार्ज हो गई थी। हालांकि जिला प्रशासन अभी असमंजस में है कि रेप पीड़िता व उसका परिवार बच्चे को अपनाएंगे या नहीं।
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हो गया मां के आंचल से मरहूम
नागरिक अस्पताल की नर्सरी में दाखिल नन्हीं सी जान दुनिया के इस खेल से अनजान है। रेप पीड़िता के बच्चे का लालन-पालन फिलहाल अस्पताल स्टाफ पर निर्भर है। शुक्रवार शाम से उसे नर्सें और नर्सिंग छात्राएं बोतल का दूध पिला रही हैं। यहां यह बता दें कि अभी तक इस बच्चे को गोद लेने के लिए 50 से ज्यादा दंपति पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा था कि वे इस बच्चे को अपनाने के लिए तैयार हैं।

यह था मामला
बता दें कि 24 अक्तूबर को नूंह की 13 साल की एक लड़की सिरसा से अपने पिता के साथ ट्रेन में आ रही थी। उनको रेवाड़ी जाना था। बच्ची को रास्ते में आदमपुर के पास प्रसव पीड़ा शुरू हुई और ट्रेन में ही उसको डिलीवरी हुई। जच्चा-बच्चा को हिसार नागरिक अस्पताल में दाखिल कराया था। पीड़िता के साथ पौने नौ महीने पहले उनके गांव में एक युवक ने रेप किया था।
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बच्चा नर्सरी में दाखिल है। बच्चे की हालत सुधरने पर उसे चाइल्ड प्रोटेक्शन अफसर के हवाले कर दिया जाएगा। सिविल अस्पताल से किसी को बच्चा गोद नहीं दिया जा सकता।
- डॉ. रवींद्र कुमार शिशु रोग विशेषज्ञ, सिविल अस्पताल

पीड़िता डिस्चार्ज हो चुकी है। बच्चा अभी अंडर ऑब्जर्वेशन है। परिवार स्पष्ट नहीं कर पा रहा कि वे उसे अपनाएंगे या नहीं। जब बच्चे को डिस्चार्ज किया जाएगा तक उनसे संपर्क किया जाएगा।
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- सुनीता यादव, सीपीओ
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