नारनौंद। सर्वजातीय राखी बाराह खाप की बैठक रविवार को खाप के चबूतरे पर हुई। इसमें बिजली निगम के निजीकरण के विरोध में 11, 12 और 13 अगस्त को होने वाले आंदोलन को सर्वसम्मति से समर्थन देने का निर्णय लिया गया। खाप की ओर से कहा गया कि बिजली व्यवस्था से जुड़ा यह मुद्दा केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं है बल्कि इसका सीधा असर किसानों, ग्रामीणों और आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए खाप के प्रधान रतन सिंह मिलकपुर ने कहा कि बिजली जैसी जरूरी सुविधा को निजी हाथों में सौंपना आम जनता के हित में नहीं है। निजीकरण के बाद बिजली उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ने और किसानों को मिलने वाली सुविधाओं पर असर पड़ने की आशंका है।
उन्होंने कहा कि बिजली निगम के कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। सरकार को कर्मचारियों की बात सुनकर समस्या का समाधान करना चाहिए न कि ऐसे फैसले लेने चाहिए जिनका खामियाजा भविष्य में आम जनता को भुगतना पड़े।
उन्होंने कहा कि किसान और ग्रामीण पहले ही खेती की बढ़ती लागत और महंगी होती जरूरतों से परेशान हैं। ऐसे में बिजली व्यवस्था में किसी भी तरह का बदलाव सीधे उनकी जेब पर असर डाल सकता है। खाप कर्मचारियों के साथ है। जरूरत पड़ी तो ग्रामीणों और किसानों को भी आंदोलन से जोड़कर संघर्ष को मजबूत किया जाएगा।
इस अवसर पर उपप्रधान उदयबीर मिर्चपुर, मीरा मिर्चपुर, राजकुमार राखी, रामफल जांगड़ा, राजकुमार राखी, रामनिवास खेड़ी, सतीश राखी, जयबीर आदि मौजूद रहे।