सिवानी मंडी। सेठ मेघराज जिंदल राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सिवानी में शुक्रवार को विधिक साक्षरता प्रकोष्ठ के तत्वावधान में विश्व सामाजिक न्याय दिवस गंभीरता, जागरूकता और संवैधानिक प्रतिबद्धता के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य डॉ. भूप सिंह गौड़ के मार्गदर्शन में हुआ।
कार्यक्रम में अधिवक्ता राजीव श्योराण और पीएलवी अमित कुमार ने कहा कि सामाजिक न्याय केवल एक विचार नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की आत्मा है। जब तक समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को न्याय नहीं मिलेगा तब तक लोकतंत्र पूर्ण नहीं हो सकता।
संयोजक डॉ. नवीन कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सामाजिक समानता, मानवाधिकारों की सुरक्षा और विधि का शासन किसी भी सशक्त राष्ट्र की आधारशिला हैं। उन्होंने बताया कि सामाजिक न्याय की अवधारणा हमारे संविधान की मूल भावना से जुड़ी हुई है और इसके माध्यम से महिलाओं, बच्चों, अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़े वर्गों को समान अवसर सुनिश्चित किए जा सकते हैं।
प्रो.डॉ. रणजीत सिंह ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे संविधान के आदर्शों को केवल पढ़ें ही नहीं, बल्कि अपने आचरण में भी उतारें। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भारतीय संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया और न्याय, स्वतंत्रता, समानता व बंधुत्व के मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर मीडिया प्रभारी महिपाल सिंह, डॉ. देवीलाल, डॉ. सुमन और डॉ. कपिल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।