मानसून एक्सप्रेस की स्पीड सही रही तो 40 दिन बाद हरियाणा में मानसून दस्तक देगा। मानसून एक जुलाई को फरीदाबाद-पलवल से शुरू होकर पांच जुलाई तक पूरे हरियाणा में सक्रिय हो जाएगा। इस बार प्रदेश में करीब 96 प्रतिशत यानी करीब 442 एमएम बरसात होने का अनुमान है।
मानसून को लेकर मौसम विभाग की ओर से पूर्व अनुमान तैयार किया गया है। भारतीय मौसम विभाग से मिले आंकड़ों और पूर्व के रिकॉर्ड को आधार बनाते हुए चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि यूनिवर्सिटी ने रिपोर्ट तैयार की है। इसके अनुसार इस बार प्रदेश में 442 एमएम बरसात की संभावना है।
मानसून एक जुलाई से हरियाणा के कुछ हिस्सों में सक्रिय हो जाएगा। उत्तर प्रदेश के रास्ते मानसून फरीदाबाद-पलवल से हरियाणा में प्रवेश करेगा। पांच जुलाई तक मानसून पूरे हरियाणा में सक्रिय हो जाएगा। 14 सितंबर तक मानसून सक्रिय रहेगा। हरियाणा में सबसे अधिक बरसात यमुनानगर के नारायणगढ़ एरिया में होगी।
इस बार करीब 96 प्रतिशत बरसात की संभावना मानी गई है। पिछले साल 106 प्रतिशत का अनुमान लगाया गया था। अगर पिछले साल से तुलना करें तो इस बार करीब 10 प्रतिशत कम बरसात का अनुमान है। भारतीय मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार पिछले पांच साल में एक भी साल बरसात सामान्य स्तर पर दर्ज नहीं की गई। वर्ष 2014 में सबसे कम करीब 42 प्रतिशत बरसात ही हुई थी।
पिछले पांच साल बरसात का रिकॉर्ड
वर्ष --------बरसात
2012------- 282 एमएम
2013 ---------363 एमएम
2014 ---------200 एमएम
2015--------- 295 एमएम
2016-----------338 एमएम
मानसून सीजन में औसत बरसात
जून----45.2 एमएम
जुलाई----163.8 एमएम
अगस्त ----171.2 एमएम
सितंबर----80.1 एमएम
आईएमडी से रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा में इस बार 96 प्रतिशत बरसात की संभावना है। एक से पांच जुलाई तक पूरे प्रदेश में मानसून सक्रिय हो जाएगा। 15 सितंबर तक मानसून सक्रिय रहेगा। जून में इस रिपोर्ट को एक बार फिर से अपडेट करेंगे।
- डॉ. राज सिंह, एचओडी, मौसम विभाग, सीसीएचएयू, हिसार
जून में बरसेगा प्री मानसून
जून में 15 से 25 के बीच प्री मानसून भी सक्रिय होता है, जिसमें औसतन 40 से 50 एमएम बरसात रिकॉर्ड की जाती है। प्री मानसून के लिए तारीख तय नहीं है। मानसून के अन्य प्रदेशों में सक्रिय होने के बाद ही मौसम विभाग की ओर से प्री मानसून की बरसात का एलान होता है।