अनाज मंडी में खुले में भीग रही मूंगफली की ढेरियां।
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एक दिसंबर को फिर से एक पश्चिमी विक्षोभ गुजरेगा। हालांकि इससे असर से दक्षिण हरियाणा जैसे रेवाड़ी, झज्जर आदि जिलों में ही बारिश की संभावना है। प्रदेश के बाकी हिस्सों में कहीं-कहीं बादल छा सकते हैं। इधर, पिछले तीन दिनों में शहर में 12 एमएम बारिश दर्ज की जा चुकी है। चौथे दिन वीरवार को भी दिनभर बादल छाए रहे।
बता दें कि मंगलवार रात को मौसम में बदलाव आया था और रात भर रुक-रुक बारिश होती रही थी। इसके बाद बुधवार सुबह व रात को भी बारिश हुई। वीरवार सुबह भी इंद्र देवता बरसे। हालांकि इसके बाद सूर्य के दर्शन हुए। मगर दोपहर बाद फिर से बादल छाए गए। इस दौरान दिन भर ठंडी हवाएं भी चलती रहीं, जिससे मौसम में ठंडक बढ़ गई। इस दौरान अधिकतम तापमान 21.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से पांच डिग्री कम रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 15.1 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से पांच डिग्री ज्यादा रहा। मंगलवार रात से बुधवार सुबह आठ बजे तक 4.4 एमएम और बुधवार आठ बजे से लेकर वीरवार सुबह आठ बजे तक 7.6 एमएम बारिश दर्ज की गई।
फसलों को हुआ फायदा
इस बारिश से उन किसानों को फायदा हुआ है, जो गेहूं व सरसों की बिजाई कर चुके हैं। क्योंकि इस समय फसलों की पानी की जरूरत थी। हालांकि अभी थोड़ी गेहूं की बिजाई बाकी है। बारिश की वजह से यह बिजाई देरी से होगी। इसके अलावा सब्जियों की फसलों को इस बारिश से फायदा पहुंचेगा।
स्वास्थ्य का रखें ध्यान
बारिश के बाद से दिन के समय भी ठंड बढ़ गई है, ऐसे में स्वास्थ्य का ध्यान रखें। नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. ज्ञानेंद्र के मुताबिक इस मौसम में सर्दी व जुकाम होने की ज्यादा संभावना रहती है। ऐसे में घर से बाहर निकलने से पहले गर्म कपड़े पहन लें। ज्यादा ठंडा व तली चीजों का सेवन न करें। बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। दिल के मरीज रात को खाना खाने के बाद बाहर टहलने से परहेज करें।