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आरओबी : ज्वाइंट फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार, रेलवे को भेजी

Thu, 25 Aug 2016 12:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हिसार
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रेलवे ओवरब्रिज - फोटो : bureau
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सेक्टर 16-17 के पास साउथ बाईपास पर जल्द ही रेलवे ओवरब्रिज का काम शुरू होगा। रेलवे और पीडब्ल्यूडी की टीम ने बुधवार को साउथ बाईपास पर सेक्टर 16-17 के आरओबी का ज्वाइंट फिजिबिलिटी इंस्पेक्शन किया। दोनों विभागों के अधिकारियों ने ज्वाइंट फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर रेलवे को भेज दी है। अब रेलवे की ओर से ड्राइंग तैैयार की जाएगी।
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प्रदेश सरकार की ओर से इस प्रोजेक्ट को मंजूर किया गया था, जिसके बाद रेलवे ने इस साल के बजट में इसे स्वीकार कर लिया था। बुधवार को रेलवे की कंस्ट्रक्शन विंग के कार्यकारी अभियंता जीएल पंडर अपनी टीम के साथ हिसार पहुंचे।

हिसार पीडब्ल्यूडी से सहायक अभियंता सचिन भाटी की टीम मौके पर पहुंची। दोनों अधिकारियों की ओर से साउथ हिसार-राजगढ़ रेलवे लाइन पर फिजिबिलिटी जांच की। करीब एक घंटे तक टीम ने मौके का मुआयना करने के बाद रिपोर्ट तैयार की, जिसमें पाया गया कि यहां पर आरओबी बनाने में तकनीकी तौर पर कोई दिक्कत नहीं है।
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दोनों विभागों की ओर से ज्वाइंट फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की गई, जिसमें दोनों विभागों के अधिकारियों ने हस्ताक्षर किए। रिपोर्ट लेकर रेलवे के अधिकारी वापस चले गए।

अब आगे क्य
ज्वाइंट फिजिबिलिटी रिपोर्ट रेलवे मुख्यालय जाएगी। इसके बाद बीकानेर मंडल इंजीनियरिंग विंग की ओर से जनरल अरेंजमेंट ऑफ ड्राइंग तैयार की जाएगी। ड्राइंग मंजूरी होने के बाद इसे स्थानीय पीडब्ल्यूडी को भेजा जाएगा। इसके बाद डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनेगी, जिसमें आरओबी के पूरे खर्च का विवरण होगा। डीपीआर के बाद टेंडर की प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। इसके बाद कंस्ट्रक्शन कंपनी मौके पर काम शुरू करेगी।

30 करोड़ से बनेगा आरओबी
जानकारी के अनुसार यह आरओबी फोरलेन बनाने का प्रस्ताव है, जिस पर करीब 30 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान लगाया गया है। आरओबी की लंबाई, चौड़ाई, ऊंचाई तय की जाएगी। अगर सब कुछ सही रहा तो आरओबी के लिए अगले चार महीने में काम शुरू हो सकता है। आरओबी बनने में करीब 18 महीने का समय लगने का अनुमान है।

जमीन नहीं  बनेगी बाधा..
साउथ बाईपास पर बनाए जाने वाले इस आरओबी के लिए जमीन कोई बाधा नहीं है। बाईपास के लिए अधिग्रहित जमीन में आरओबी बना लिया जाएगा। इसके लिए जमीन अधिग्रहण की जरूरत नहीं होगी। फिलहाल जमीन अधिग्रहण करना सबसे बड़ी चुनौती है।

 रेलवे की टीम ने मौके का मुआयना किया है। पीडब्ल्यूडी हमारी टीम के साथ थी। ज्वाइंट फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार कर भेजी गई है। जल्द ही ड्राइंग अरेंजमेंट अप्रूव कराने पर काम शुरू होगा।
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सचिन भाटी, एसडीओ पीडब्ल्यूडी हिसार
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