जाखोदखेड़ा निवासी हिमांशु के पिता सुशील कुमार ने बताया कि जिम संचालक की हत्या वाले दिन दोपहर करीब ढाई बजे हांसी सीआईए स्टाफ उनके घर आया था और उन्हें जबरन अपने साथ ले गया। उन्होंने कहा कि हिमांशु की कपिल हत्याकांड में लिप्त शूटर से बातचीत हुई थी। इसका मतलब यह है कि उनका बेटा शूटर नहीं था। यदि वह शूटर नहीं था तो उसका एनकाउंटर क्यों किया।उसके दिल और पेट में गोली लगी थी। एनकाउंटर में तो केवल घुटनों के नीचे गोली मारी जाती है।
प्रवेश के पिता जयप्रकाश ने बताया कि उन्होंने उससे शादी के बारे में पूछा था तो जवाब दिया कि वह शादी नहीं करना चाहता। अभी प्रवेश की एक बहन भी अविवाहित है। वह चाहते थे कि दोनों की एक साथ ही शादी करवा दी जाए।
जिम संचालक कपिल रेढ़ू हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता और विदेश में बैठे लॉरेंस गैंग के गुर्गे सुंदर टकला ने व्हाट्सएप संदेश भेजकर एनकाउंटर को फर्जी करार दिया है। सुंदर ने मैसेज में कहा कि पुलिस ने दोनों लड़कों को केरल से पकड़ा था जिसकी सीसीटीवी फुटेज उसके पास है। जिन दो शूटरों का बहादुरगढ़ में एनकाउंटर दिखाया है वह पूरी तरह फर्जी है। सुंदर ने पुलिस को चुनौती देते कहा कि उसके पास इस बात के पक्के सबूत और सीसीटीवी फुटेज हैं कि पुलिस ने दोनों को पहले ही हिरासत में ले लिया था।
सुंदर ने दावा किया कि मारे गए दोनों लड़कों के पास कोई हथियार नहीं थे। जिस हथियार से जिम संचालक की हत्या की गई वह पहले से ही हांसी की सीआईए-2 टीम के पास जमा है। सुंदर ने धमकी दी कि दो लड़कों के मारे जाने से यह मत समझना कि वह रुक जाएगा। अब वह कसूरवार और बेकसूर में फर्क नहीं करेगा। जो भी रास्ते में आएगा उसे मार दिया जाएगा। यह संदेश व्हाट्सएप के जरिए रविवार देर रात कई सोशल मीडिया चैनलों पर भेजा गया। जिस नंबर से यह संदेश जारी किया गया वह ऑस्ट्रेलिया का बताया जा रहा है।
हिसार। एनकाउंटर में मारे गए हिमांशु के पिता सुशील कुमार ने बताया कि 11 जून से उससे कोई संपर्क नहीं था। टिब्बा दानाशेर की टीमें हमारे गांव में अक्सर कुश्ती प्रतियोगिता के लिए आती थीं। हिमांशु खुद कुश्ती का खिलाड़ी था। इसी दौरान उसकी प्रवेश से पहचान हुई। उन्होंने बताया कि 9 जून को प्रवेश उनके घर आया और कहा कि बहन के रिश्ते के लिए लड़के वाले आ रहे हैं। वह हिमांशु को अपने साथ हिसार लेकर जा रहा है।
हिमांशु का सिम रिचार्ज नहीं था तो वह गुस्से में मोबाइल घर पर ही छोड़ गया था। ऐसे में वह प्रवेश के फोन के माध्यम से ही उससे बात कर रहे थे। हिमांशु को 10 जून को घर आना था लेकिन नहीं आया। उसने कहा कि वह 11 जून को आएगा। उस दिन प्रवेश को फोन किया जो स्विच ऑफ था। सुशील कुमार ने बताया कि उन्हें रविवार सुबह हिमांशु के एनकाउंटर में मारे जाने की जानकारी मिल गई थी पर घर में किसी को नहीं बताई। सोमवार सुबह करीब 8 बजे उसका अंतिम संस्कार कर दिया।