हिसार। सेक्टर-14 की झुग्गियों में रहने वाली अनुसूचित जाति की महिला को थाने में अमानवीय यातनाएं देने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़िता अभी नागरिक अस्पताल में उपचाराधीन हैं। मंगलवार को जय भीम आर्मी सहित कई संगठनों के प्रतिनिधि उससे मिलने पहुंचे और आपबीती सुनी।
उधर, पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में किसी तरह की शिकायत नहीं मिलने की बात कही है। जय भीम आर्मी के चेयरमैन संजय चौहान ने कहा कि इस मामले की शिकायत एसएसी/एसटी आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग और मानवाधिकार आयोग से की जाएगी। इस संगठन के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप भानखड़, अभिषेक प्रजापति व ह्यूमन राइट्स लॉ नेटवर्क के स्टेट कोऑर्डिनेटर रजत कलसन ने पीड़ित को मदद का भरोसा दिया।
पीड़िता ने बताया कि सेक्टर-14 की एक कोठी से पैसे चुराने के शक में सिटी थाना पुलिस उसे अपने साथ ले गई। वहां थर्ड डिग्री टॉर्चर किया गया। उसे पानी में डुबोया, उल्टा लटकाया और हाथ-पैरों पर मिट्टी के कट्टे रखकर यातना दी गई। आरोप है कि महिला के अंडर गारमेंट तक उतारकर पुलिस वाले ने अपनी जेब में रख लिए। इसके बाद सीआईए टीम उसे ले गई और पीटा। उसने बार-बार गुहार लगाई कि कोई पैसे नहीं चुराए पर उसकी एक न सुनी।
चौहान ने कहा, बिना शिकायत व एफआईआर के महिला को ऐसी यातना देना न केवल गैर कानूनी है बल्कि अमानवीय है। आरोपी पुलिस कर्मियों की पहचान कर मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए। सेक्टर-14 निवासी व्यक्ति के घर में पांच लाख रुपये चोरी हुए थे। अनाज मंडी चौकी पुलिस ने रविवार को महिला को चौकी ले जाकर पूछताछ की। इसके बाद अनाज मंडी चौकी, सिटी थाने व बाद में सीआईए में ले जाया गया।