हांसी के रामपुरा में कब्जे को तोड़ती जेसीबी।
हांसी। गांव रामपुरा में मंगलवार को पंचायत की जमीन पर किए गए कब्जे को खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय ने कार्रवाई कर हटाया। यहां पर पांच में से तीन कब्जाधारियों ने स्वयं कब्जे हटाए। दो कब्जे प्रशासन ने हटवाए। एक कब्जे को लेकर कोर्ट में फिर से सुनवाई होगी। वहीं इस दौरान महिलाओं ने विरोध किया, लेकिन विरोध के बावजूद पुलिस प्रशासन ने वहां से कब्जा हटाया।
कोर्ट ने करीब दो महीने पहले छह लोगों के कब्जे हटाने के लिए आदेश दिए थे और कब्जाधारियों को कब्जा हटाने के लिए 30 दिन का समय दिया था। कब्जाधारियों ने स्वयं कब्जा नहीं हटाया तो प्रशासन वहां जेसीबी लेकर पहुंचा और कब्जे को हटाया। टीम वहां पहुंची तो वहां पर तीन जगह से कब्जा हट चुका था। दो जगह पर जेसीबी चलवाई गई। जिसमें चहारदीवारी व कमरे को हटाया गया। वहीं एक जगह पर कार्रवाई कोर्ट के आदेश के चलते रोक दी गई। मामले में कोर्ट फिर से सुनवाई करेगी। कार्रवाई के लिए एडीओ सचिन अहलावत को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। इस दौरान खंड विकास एवं पंचायत कार्यालय से एसईपीओ नवीन मलिक व थाना सदर से पीएसआई दीपक उपस्थित रहे। काफी संख्या में पुलिस बल उपस्थित रहा। एसईपीओ ने बताया कि कार्रवाई शांतिपूर्ण रही। एक मामले में फिर से सुनवाई होगी।
प्रस्तावित कलेक्टर रेट पर 14 लोगों ने दर्ज कराईं आपत्तियां
हिसार। जिले में बढ़ाए गए कलेक्टर रेट को लेकर लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराना शुरु कर दिया है। मंगलवार तक 14 शिकायत-सुझाव दर्ज किए गए। जिला राजस्व अधिकारी ने बताया कि 26 व 27 मार्च को भी आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। किसी भी तहसील कार्यालय, उपमंडल स्तर या जिला मुख्यालय पर यह आपत्तियां दी जा सकती हैं।
तीन महीने में ही दूसरी बार कलेक्टर रेट बढ़ाए जाएंगे। कलेक्टर रेट 1.60 लाख रुपये प्रति गज तक प्रस्तावित किए गए हैं। नए कलेक्टर रेट एक अप्रैल से लागू किए जाएंगे। कलेक्टर रेट की प्रति प्रशासन ने वेबसाइट पर भी अपलोड की है। वहीं, उकलाना के प्रॉपर्टी डीलर व सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग विरोध में उतर आए हैं। मंगलवार को पृथ्वी सिंह के नेतृत्व में प्रॉपर्टी डीलर्स के प्रतिनिधिमंडल ने तहसीलदार रविंद्र शर्मा को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सरकार से मांग की कि कलेक्टर रेट में दोबारा की जा रही बढ़ोतरी को रोका जाए। कलेक्टर रेट में वृद्धि से रजिस्ट्री शुल्क भी बढ़ेगा।