पब्लिक हेल्थ की साढ़े तीन साल पहले डाली 20 इंची सीवरेज लाइन को अभी तक चालू न किए जाने के मामले पर पार्षद प्रतिनिधि सतीश मेहरा ने अधिकारियों पर ठेकेदार से मिलीभगत कर उसे बचाने का आरोप लगाया है। मेहरा का कहना है कि पब्लिक हेल्थ के अधिकारी साढ़े तीन साल से ठेकेदार से मैनहोल खाली नहीं करवा पाए। सरकार के लाखों रुपये खर्च करवाने के बाद डाली गई सीवरेज लाइन का कोई यूज नहीं है। इतना ही नहीं उन्होंने इस मामले में एक्सईएन द्वारा गठित कमेटी द्वारा अभी तक जांच न किए जाने के मामले को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अधिकारियों ने कुछ मैनहोल चेक किए जिनमें न स्लैब था और न ही उनकी सीमेंट से पुताई थी। इसके बावजूद कमेटी में शामिल दोनों एसडीओ व दोनों जेई ने रिपोर्ट नहीं दी।
पहले भी उठाया था मामला
सतीश मेहरा ने इस मामले को करीब दो महीने पहले भी उठाया था, जिसके बाद पब्लिक हेल्थ हरकत में आ गया था। एक्सईएन ने इस मामले को लेकर चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी थी। इसके साथ ही मैनहोल की सफाई का काम भी शुरू कर दिया था। मगर मिर्जापुर रोड मैनहोल खाली करने के बाद रायपुर रोड मैनहोल बिना खाली किए ही फिर छोड़ दिए।
जिन पर था आरोप उन्हीं से करा दी जांच
वार्ड के जनप्रतिनिधि ने उस वक्त भी इस मामले में एक्सईएन सहित उच्च अधिकारियों के मिलीभगत का आरोप लगाया है। मेहरा ने कहा है कि एक्सईएन ने खानापूर्ति के लिए उन अधिकारियों की ही जांच कमेटी बना दी जिन पर ठेकेदार से मिलीभगत कर गलत काम करवाने का आरोप है। इस मामले में पार्षद प्रतिनिधि सतीश मेहरा ने एक्सईएन पर भी अधिकारियों व ठेकेदार को बचाने का आरोप लगाया है।
यहां करनी थी जांच
रायपुर रोड, मिर्जापुर रोड, योग नगर, आदर्श नगर, नेताजी कॉलोनी में डाली गई 20 इंची लाइन, 12 इंची, 8 इंची 16 इंची लाइन डाली गई थी। कमेटी को इन लाइनों के मैनहोल व लाइनों की जांच करनी थी।
जांच के बारे में मुझे अभी ध्यान नहीं, मैनहोल की शिकायत है तो वो साफ करवा देंगे।
- संजय दूहन, जेई पब्लिक हेल्थ