गोहाना में पंचायती राज सम्मेलन में जाने वाले जनप्रतिनिधियों को खराब खाना खिलाने से नाराज लोगों ने खाने का बहिष्कार कर दिया। अग्रोहा खंड के इन जनप्रतिनिधियों ने कहा कि खाना घटिया और बदबूदार था, जिसे खाया नहीं जा सकता। 60 से अधिक पंच सरपंचों ने इसका विरोध किया। हालांकि बाद में अधिकारियों ने उन्हें मनाया और दूसरा खाना खिलाया।
पंचायती राज सम्मेलन के लिए सुबह 8 बजे से ही रोडवेज की बसें रवाना होना शुरू हो गई थीं। अग्रोहा बीडीपीओ ब्लॉक से रोडवेज बसें रवाना हो रही थीं। यहां आधी रात से जनप्रतिनिधियों के लिए खाने के पैकेट रखे गए थे, जिसमें रोटी, सब्जी, आचार, मिर्च रखा गया था। खाने की गुणवत्ता को लेकर कुछ लोगों ने विरोध जताया।
जनप्रतिनिधियों ने कहा कि खाने से बदबू आ रही है। खाना एक रात पहले ही तैयार करने का आरोप भी लगाया। इन लोगों को बस में एक जनप्रतिनिधि को एक पैकेट खाना उपलब्ध कराया जाना था। बड़ी संख्या में गोहाना जाने वाले पंच, सरपंचों ने खाने के पैकेट लेने से इनकार कर दिया।
सरपंचों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। जली और बदबूदार रोटी दिखाते हुए प्रदर्शन किया। गुस्साए लोगों ने इस तरह बेकद्री पर गोहाना जाने से इनकार कर दिया। बाद में अधिकारियों ने उन्हें मनाया। मौके पर मौजूद बीडीपीओ ने पंच, सरपंचों को समझाने का प्रयास किया। बीडीपीओ कार्यालय के कर्मचारियों ने कहा कि उन्हें जो सामान उपलब्ध कराया गया, वह आगे वितरित कर रहे हैं। बाद में पंच, सरपंच, ब्लॉक समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने खाना खाया।
जिला पंचायत विकास अधिकारी नरेश पंकज का कहना है कि उनकी जानकारी में यह बात नहीं आई है। खाने के पैकेट उपलब्ध कराना संबंधित एरिया के बीडीपीओ की जिम्मेदारी थी। इस बारे में शिकायत मिली तो रिपोर्ट लेेंगे।
ठेकेदार पर कार्रवाई करेंगे
बीडीपीओ अनिल कुमार ने बताया कि नाश्ते का ठेका दिया हुआ था। नाश्ता खोलने के बाद पता चला कि खाना में कमी है। सभी को किसी अच्छे होटल में खाना कराया गया। इसमें सरकार की कोई गलती नहीं रही है। खाने में रही कमी के कारण ठेकेदार दोषी हैं। उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।