हांसी। शहर में लंबित प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली के लिए नगर परिषद ने कार्रवाई तेज कर दी है। प्रथम चरण में एक लाख रुपये से अधिक टैक्स बकाया रखने वाले 53 भवन मालिकों को नोटिस जारी किए गए थे। नोटिस मिलने के बाद 22 भवन मालिकों ने सक्रियता दिखाते हुए 2 करोड़ 7 लाख रुपये से अधिक की राशि जमा कर दी है। अब शेष 31 बकायेदारों के खिलाफ नगर परिषद सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है।
इन भवन मालिकों को सोमवार को तीसरा और अंतिम नोटिस जारी किया जाएगा। इसके बाद अगले सप्ताह या अगस्त की शुरुआत में सीलिंग की कार्रवाई की जा सकती है। नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार, बकायेदारों को पहले ही दो बार नोटिस दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद भुगतान नहीं करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। परिषद का उद्देश्य लंबित टैक्स की वसूली कर शहर के विकास कार्यों को गति देना है।
अभी टैक्स जमा करवाने पर मिलेगी 75% छूट
वर्ष 2010-11 से 2024-25 तक के लंबित प्रॉपर्टी टैक्स पर ब्याज में 75 फीसदी की एकमुश्त छूट देने की योजना 31 अगस्त तक जारी रहेगी। योजना का लाभ लेने के लिए करदाताओं को 31 अगस्त तक अपना पूरा बकाया कर जमा करना होगा। इसके साथ ही संपत्ति का स्व-प्रमाणीकरण भी अनिवार्य किया गया है। साथ ही 31 जुलाई 2026 तक चालू वर्ष का टैक्स जमा करने पर 10 प्रतिशत की राहत मिलेगी।
पहले हुई कार्रवाई का व्यापार मंडल ने किया था विरोध :
प्रॉपर्टी टैक्स जमा न करवाने पर सीलिंग का दौर पिछले वर्ष से शुरू किया गया था। करीब 20 हजार रुपये से ज्यादा लंबित टैक्स वालों को नोटिस देकर उनसे बकाया टैक्स जमा करवाया गया। ऐसा न करने वालों के भवनों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। कार्रवाई का हांसी व्यापार मंडल विरोध भी कर चुका है।
प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने का लक्ष्य पूरा :
नगर परिषद का वित्त वर्ष 2025-26 में 3 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने का लक्ष्य था जिसे पूरा कर लिया गया था। चालू वित्त वर्ष 2026-27 में भी 3 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवाने का लक्ष्य रखा गया था जो कि अब तक पूरा हो गया है। ऐसे में नगर परिषद अब उन भवनों को चिह्नित कर रही हैं जिन्होंने लंबे समय से टैक्स जमा नहीं करवाया है। शहर में ऐसी करीब 41 हजार 700 संपत्तियां हैं।
बिल में त्रुटियां ठीक करवाएं
नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार जिन प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए गए हैं, यदि उसके अनुसार बिल में कोई त्रुटि है तो ठीक करवा लें। भवन मालिकों ने पहले टैक्स जमा करवा रखा है तो अपनी रसीद दिखाकर टैक्स करवा लें। ऐसे कई मामले आए हैं जिनमें भवन मालिकों ने दस्तावेज दिखाए तो टैक्स कम कर दिया गया है।
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53 भवन मालिकों में से 22 ने टैक्स जमा करवाया है। यदि बचे हुए भवन मालिकों ने टैक्स नहीं भरा तो जल्दी ही सीलिंग कार्रवाई करेंगे। बाकी जो 1 लाख रुपये से कम के बकायदार हैं उन्हें भी जल्दी नोटिस देंगे। इसके अलावा सरकारी भवनों के बकाया टैक्स जमा करवाने को लेकर भी लगातार नोटिस भेज रहे हैं।- राजेंद्र सोनी, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद।