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हकृवि के प्रो. सुरेंद्र धनखड़ का विश्व मौसम संगठन के विशेषज्ञ पैनल में चयन

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प्रो. सुरेंद्र सिंह धनखड़ - फोटो : Hisar
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चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (हकृवि) के प्रधान वैज्ञानिक एवं कृषि मौसम विज्ञान विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. सुरेंद्र सिंह धनखड़ का विश्व मौसम संगठन के विशेषज्ञ पैनल के लिए चयन हुआ है। उन्हें जेनेवा (स्विट्जरलैंड) स्थित विश्व मौसम विज्ञान संगठन की नव सुधार आयोग आधारित कृषि की स्थायी समिति में विशेषज्ञ सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। इस आयोग में चयन के लिए उनका नाम भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा अनुमोदित किया गया था।
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इस आयोग में चयनित होने वाले डॉ. सुरेंद्र सिंह धनखड़ देशभर के कृषि विश्वविद्यालयों से एकमात्र कृषि मौसम विज्ञानी हैं। यह चयन उनके द्वारा मौसम विज्ञान के क्षेत्र में हासिल की गई उल्लेखनीय उपलब्धियों के आधार पर किया गया है। यह आयोग मौसम, जलवायु, जल और संबंधित पर्यावरण सेवा अनुप्रयोगों के लिए कार्य करता है। इसका मुख्य उद्देश्य वैश्विक स्तर पर इससे संबंधित विसंगतियों के प्रति जागरूक करना है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर समर सिंह ने इस उपलब्धि के लिए प्रो. धनखड़ को बधाई देते हुए कहा कि यह पूरे देश के लिए गर्व की बात है।
एशिया महाद्वीप का करेंगे प्रतिनिधित्व
सुरेंद्र धनखड़ कृषि मौसम विज्ञान से संबंधित सूखा निगरानी प्रणाली, दृष्टिकोण, प्रभावों, संभव कृषि घाटा और विश्व मौसम विज्ञान संगठन के विभिन्न क्षेत्रों में तैयारियों के मूल्यांकन के लिए अपना योगदान देंगे। वे विश्व स्तर पर एशिया महाद्वीप का प्रतिनिधित्व करेंगे। विश्व मौसम विज्ञान संगठन के इस तकनीकी आयोग का उद्देश्य सभी उपयोगकर्ता, समुदायों और समाज द्वारा सामाजिक, आर्थिक लाभों की सूचना देने और निर्णय लेने में सक्षम बनाने के लिए विश्व स्तर पर सामंजस्यपूर्ण मौसम, जलवायु, जल, महासागर और पर्यावरण से संबंधित सेवाओं व अनुप्रयोगों के विकास तथा कार्यान्वयन के लिए योगदान करना है।
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ये हैं प्रो. धनखड़ की उपलब्धियां
प्रो. सुरेंद्र सिंह धनखड़ इंटरनेशनल सेंटर फॉर ट्रॉपिकल फिजिक्स, इटली, थर्ड वर्ल्ड एकेडमी ऑफ साइंस के तहत ब्राजील व यूरेशिया पैसेफिक यूनिनेट के तहत ऑस्ट्रिया में विजिटिंग साइंटिस्ट रहे हैं। इस समय वे मानव संसाधन मंत्रालय भारत सरकार के स्पार्क प्रोजेक्ट जो कि स्विट्जरलैंड के सहयोग से चलाया जा रहा है के प्रिंसिपल इन्वेस्टीगेटर हैं। इससे पूर्व वे भारत के कृषि मौसम वैज्ञानिकों की एसोसिएशन के 2017 से 2019 तक वाइस प्रेसीडेंट भी रह चुके हैं।
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