यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में की गई लोकपाल की नियुक्ति
गुरुग्राम के ध्यानार्थ
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संवाद न्यूज एजेंसी
हिसार। गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रो. मेवा सिंह तुरान को लोकपाल नियुक्त किया गया है। यूजीसी की गाइडलाइन के अनुसार विश्वविद्यालय में लोकपाल की नियुक्ति की गई है। प्रो. तुरान करीब 21 वर्ष तक विश्वविद्यालय में रहे हैं। चेयरमैन, डीन, प्रोक्टर तथा रजिस्ट्रार पद की जिम्मेदारी भी निभाई है।
यूजीसी के अनुसार देशभर के सभी विश्वविद्यालयों में एक लोकपाल को नियुक्त करना होगा। इसको लेकर पत्र भी जारी किया गया था। विवि प्रशासन के पास विद्यार्थियों से जुड़ी रोजाना कई समस्याएं आती हैं जिनके समाधान और सुनवाई के लिए अब तक जीजेयू कुलपति कार्यालय ही एकमात्र विकल्प था। यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (यूजीसी) की ओर से विद्यार्थियों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए लोकपाल की नियुक्ति की गई है। इसके लिए देशभर की सभी यूनिवर्सिटी 10 साल का प्रोफेसर का अनुभव रखने वाले सेवानिवृत्त शिक्षकों या सेवानिवृत्त न्यायाधीश को लोकपाल नियुक्त कर सकेंगे। विद्यार्थियों की फीस से संबंधित समस्याएं, दाखिला संबंधी गड़बड़ी, परीक्षा संचालन में अनियमितताएं और अन्य कई समस्याओं को लोकपाल देखेंगे। इसके अलावा विवि कमेटी में कई मुद्दे सुलझाने के लिए ये काम करेंगे। बता दें कि फिलहाल प्रो. एमएस तुरान गुरुग्राम में रह रहे हैं।
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बयान
विश्वविद्यालय में लोकपाल के पद पर प्रो. एमएम तुरान को नियुक्त किया गया है। विवि से जुड़ी सभी समस्याओं का समाधान करने के लिए इनकी नियुक्ति की गई है।
- प्रो. विनोद छोकर, कुलसचिव, जीजेयू
बयान -
गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय में काफी अच्छा माहौल है। आमतौर पर वहां समस्याएं नहीं होतीं। यदि कुछ होती हैं तो ग्रीवेंस कमेटी के स्तर पर ही समाधान कर लिया जाता है। फिर भी कुछ मामले मेरे स्तर तक आएंगे तो आपसी तालमेल से समस्याओं का समाधान किया जाएगा।
- प्रो. मेवा सिंह तुरान, लोकपाल जीजेयू