हिसार। एडीजे सुनील जिंदल की अदालत ने सोमवार को एक गांव के पुजारी को नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और अपहरण के आरोप में दोषी करार दिया है। अदालत अब मंगलवार को सजा का फैसला करेगी। यह मामला जून 2021 का है।
पीड़िता के पिता ने शिकायत में बताया था कि 10 जून की रात परिवार के सभी लोग सो गए थे। सुबह चार बजे जब वह उठा तो बेटी कमरे में नहीं थी। काफी तलाश के बाद भी बेटी का कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस ने धारा 346 के तहत गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज की और जांच शुरू की। पुलिस ने बाद में लड़की को राजस्थान से बरामद किया।
पूछताछ में पीड़िता ने बताया कि वह 12वीं कक्षा की छात्रा है और गांव के मंदिर में माथा टेकने जाया करती थी। मंदिर के पुजारी ने सितंबर 2020 से उससे बातचीत शुरू की और 1 नवंबर 2020 को मंदिर के कमरे में उसका यौन शोषण किया। यह हरकत कई बार दोहराई गई।
पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि 10 जून 2021 की रात पुजारी उसे बहला-फुसलाकर घर से भगा ले गया। बाद में राजस्थान के लक्ष्मणगढ़ में दोनों को पकड़ा गया। बयान और सबूतों के आधार पर पुलिस ने आरोपी पर धारा 363, 366ए, 376 और पोक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत केस दर्ज किया। इस दौरान पीड़िता गर्भवती हो गई और उसने एक बच्ची को जन्म दिया, जिसे बाद में दान कर दिया गया। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने पुजारी को सभी आरोपों में दोषी पाया। अब अदालत मंगलवार को सजा तय करेगी।