हिसार। महिला एवं बाल विकास समिति की मांग पर बाल सुधार गृह के एक हिस्से को पहले चरण में शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने 1.5 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर मुख्यालय भेज दिया है। विभागीय स्वीकृति मिलने के बाद अधूरे भवन के एक हिस्से को चालू करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
बाल कल्याण विभाग ने बाल सुधार गृह के एक हिस्से को शुरू कराने का अनुरोध किया था जिसके बाद पीडब्ल्यूडी और महिला एवं बाल कल्याण विभाग की संयुक्त समिति ने स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पहले चरण में कुछ कमरों को तैयार कर बच्चों को रखने योग्य बनाने पर सहमति बनी।
यह भी सामने आया कि सिरसा रोड स्थित पुराना बाल सुधार गृह भवन एयरपोर्ट की हवाई पट्टी के दायरे में आने के कारण ध्वस्त कर दिया गया था। इसके बाद बीड़ गांव में राणा माइनर के पास नए भवन का निर्माण प्रस्तावित किया गया। बीएंडआर विभाग की अधिकृत एजेंसी ने जुलाई 2021 में निर्माण कार्य शुरू किया था, जिसे शर्तों के अनुसार जुलाई 2023 तक पूरा किया जाना था।
150 क्षमता वाले इस नए भवन में बाल अपचारियों के लिए आवासीय कक्षों के साथ योग कक्ष, कक्षा कक्ष और पुस्तकालय जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं। परिसर में तीन स्टाफ क्वार्टर भी बनाए गए हैं। हालांकि 24 महीने में पूरा होना चाहिए था यह प्रोजेक्ट 48 महीने बाद भी अधूरा है।
पिछले करीब 5 साल से ज्यादा समय से 8 जिलों के लोग इसका खामियाजा भुगत रहे हैं। हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, जींद, भिवानी, हांसी, चरखी-दादरी और रोहतक जिले के बाल कैदियों को यहां रखा जाना है। पहले यहां रखे जाने वाले बाल अपचारियों को 2021 में फरीदाबाद भेजा गया था जिससे परिजनों को 250 से 400 किलोमीटर तक यात्रा करनी पड़ रही है।
बजट हुआ दोगुना
प्रोजेक्ट की देरी के साथ लागत भी लगभग दोगुनी हो गई है। प्रारंभ में निर्माण एजेंसी ने 27 करोड़ रुपये का अनुमान लगाया था जो अब बढ़कर लगभग 45 करोड़ रुपये हो गया है। बजट न मिलने के कारण पिछले एक वर्ष से काम पूरी तरह बंद है। लोक निर्माण विभाग के अनुसार करीब 7 करोड़ रुपये का कार्य अभी शेष है।
बाल कल्याण विभाग की ओर से संयुक्त सर्वे कराया गया था जिसमें पहले चरण में बाल सुधार गृह के एक हिस्से को चालू करने की मांग की गई। समिति सदस्यों ने कुछ आवश्यक कार्य बताए हैं जिन पर करीब 1.5 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इस संबंध में मुख्यालय को प्रस्ताव भेज दिया गया है। बजट मिलते ही कार्य पूरा कर विभाग को सौंप दिया जाएगा।
- गौरव जैन, कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग हिसार।