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Hisar News: एनआईए के फर्जी अधिकारी बनकर मारा छापा, गिरफ्तारी की धमकी देकर 80 हजार रुपये वसूले

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हिसार। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के फर्जी अधिकारी बनकर छापा मारने और गिरफ्तारी का डर दिखा 80 हजार रुपये वसूलने का मामला सामने आया है। मामला उकलाना क्षेत्र के गांव भैणी महाराजपुर से जुड़ा है और बीते साल अक्तूबर का है। तीन आरोपियों में से दो की अग्रिम जमानत याचिका 2 फरवरी को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट से खारिज होने के बाद शनिवार को यह मामला चर्चा में आया। पीड़त का आरोप है कि पुलिस ने इस मामले को दबाकर रखा। शिकायत के बाद तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया था, लेकिन एक की ही गिरफ्तारी दिखाकर अन्य दो को छोड़ दिया। उधर, पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी की कोशिश कर रहे हैं।
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भैणी बादशाहपुर निवासी सूबे सिंह ने 7 अक्तूबर 2025 को उकलाना पुलिस थाने में शिकायत दी थी कि वह खेती-बाड़ी करता है। उसके दो बेटे मंदीप और रोहित हैं। 6 अक्तूबर को दोपहर करीब 1.30 बजे एक कार उनके घर के सामने आकर रुकी। कार पर भारत सरकार लिखी प्लेट लगी थी। कार में तीन लोग सवार थे। एक युवक ने आई कार्ड दिखाते हुए खुद को दिल्ली एनआईए का स्टाफ बताया। उसने कहा कि शिकायत मिली है कि आपका बेटा रोहित ऑनलाइन सट्टा खेलता है। उसे गिरफ्तार कर दिल्ली लेकर जाएंगे। सूबे सिंह ने विरोध किया तो कहा कि गिरफ्तारी से बचना है तो दो लाख रुपये देने होंगे।





80 हजार रुपये में बनी सहमति




सूबे सिंह ने कहा कि दो लाख रुपये नहीं होने पर आरोपी 80 हजार रुपये लेने के लिए तैयार हो गए। पत्नी के जेवर गिरवी रखकर रुपयों का इंतजाम किया। आरोपियों के जाने के बाद उन्हें धोखाधड़ी का पता चला। अपने स्तर पर जानकारी जुटाई तो पता चला कि उनमें से एक दीपक निवासी बधावड़, दूसरा रवि निवासी संदलाना और तीसरा जयवीर निवासी हसनगढ़ है।
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आरोप: शिकायत के बाद पुलिस ने तीनों को पकड़ा

सूबे सिंह ने बताया कि पुलिस ने इस शिकायत के बाद तीनों को हिरासत में ले लिया और उन्हें थाने बुलाया। उसने थाने जाकर तीनों की शिनाख्त की। इसके बाद पुलिस ने उसे यह कहते हुए घर भेज दिया कि आप सुबह आ जाना। हम प्राथमिकी दर्ज कर लेंगे। आठ अक्तूबर को वह थाने गया तो वहां दीपक ही था। रवि और जयवीर गायब थे। पुलिस से पूछा कि आपने दो आरोपी छोड़ दिए हैं क्या तो उसे कहा कि यह तेरा काम नहीं है। अपने साढ़े 74 हजार रुपये ले जाओ। आरोपियों से अभी इतने ही बरामद हुए हैं। सूबे सिंह का आरोप है कि उसे पता चला कि रवि और जयवीर ने हिसार जिला अदालत में अग्रिम याचिका लगाई। वहां से खारिज होने पर वे हाईकोर्ट गए, लेकिन 2 फरवरी को वहां से भी खारिज कर दी गई। पूरे मामले में उकलाना थाना प्रभारी कुलदीप का कहना है कि दीपक को गिरफ्तार कर लिया था। वह अब जेल में है। मामला मेरे यहां नियुक्ति से पहले का है, ऐसे में शिकायतकर्ता के आरोपों पर कुछ नहीं कह सकता। रवि और जयवीर को तलाश कर रहे हैं।
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