हरियाणा के हिसार में कांग्रेस की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा ने जिला अध्यक्षों के लिए गए आवेदनों पर सवाल उठाए। सैलजा बोलीं कि यह कोई सरकारी नौकरी है क्या, जिसके लिए आवेदन लिए जाएं?
हरियाणा के हिसार में कांग्रेस की पूर्व प्रदेशाध्यक्ष कुमारी सैलजा ने जिला अध्यक्ष के लिए आवेदन लेने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह कोई सरकारी नौकरी है क्या? जिसके लिए फाॅर्म भरवाए जाएं। कांग्रेस जिला अध्यक्ष को लेकर उलझा दिया गया है। उन्होंने कहा कि मेरी इच्छा विधानसभा चुनाव लड़ने की है। किस सीट से लडूंगी यह समय बताएगा।
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मीडिया से बातचीत के दौरान बुधवार को कुमारी सैलजा ने जिला अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर पर्यवेक्षकों की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पर्यवेक्षक निष्पक्ष नहीं थे। यह सिर्फ दिखावा था। कहां क्या-क्या हुआ सबने देखा है। निष्ठावान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में असंतोष है। जिनकी उपेक्षा नहीं होने दी जाएगी।
पर्यवेक्षक देखिए किस तरह के लोग बनाए गए हैं। चार-पांच को छोड़कर पूरी लिस्ट देखिए वो कौन हैं। मेरे अध्यक्ष रहते समय पार्टी के काफी कार्यक्रम कराए गए। उस समय सभी लोग मिलकर काम करते थे, कुछ लोगों को अलग रखा जाता था। उस समय भाजपा का विरोध करने वाले निष्ठावान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मजबूती से लड़ाई लड़ी। उन कार्यकर्ताओं की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।
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कुमारी सैलजा ने कहा कि पहले लोकसभा चुनाव के लिए तैयारी करनी चाहिए। राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जब नरेंद्र मोदी को चुनौती देते हैं तो वो जवाब नहीं दे पाते। हमें पहले केंद्र की सरकार को सत्ता से बाहर करना है। हमें अपने नेताओं के साथ खड़ा होना है। वहां पर आप दोस्ती दिखा दोगे तो लड़ाई कैसे लड़ोगे।
कैसे निष्ठावान कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रेरणा दे पाओगे। इंडिया गठबंधन में इनेलो के शामिल किए जाने पर उन्होंने कहा कि यह फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेताओं को लेना है। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की ओर से सीएम पद का प्रबल दावेदार बताए जाने पर कहा कि यह पार्टी हाईकमान तय करता है। क्या जरूरत पड़ती है इस तरह की बात कहने की। समर्थक उत्साह में नारे लगा देते हैं। अगर कोई दावेदारी दिखा भी दे तो कोई फर्क नहीं पड़ता है। फैसला हाईकमान को ही लेना है।