फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस की चालबाजी : स्नेचर मिले तो झपटमारी, नहीं तो चोरी

विज्ञापन
विज्ञापन
शहर में अपराध चरम पर है, यह बात आम लोग जानते हैं। मगर पुलिस की किरकिरी न हो, इसके लिए कई मामलों को पुलिस छोटी धाराओं में तब्दील कर देती है। यह पुलिस अपनी नाक बचाने के लिए करती है, ताकि उस क्षेत्र में हो रहे हिंसक अपराधों की जवाबदेही संबंधित पुलिस अधिकारी को न देनी पड़े।
विज्ञापन


सेक्टर 14 में रविवार रात हुई मोबाइल स्नेचिंग की घटना में पुलिस ने ऐसी ही चालबाजी की। एमटेक की छात्रा चारू रावल का दो युवक मोबाइल छीनकर फरार हो गए। मामले की सूचना हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रहने वाली चारू ने पुलिस को दी। पुलिस ने स्नेचिंग की धारा लगाए बगैर अपनी नाक बचाने के लिए चोरी का मुकदमा दर्ज कर लिया। शिकायत अनाज मंडी चौकी के हेड कांस्टेबल ललित ने दर्ज किया।

पुलिस की चालबाजी देखिए कि कल तो वह मामला पुलिस खुद चोरी का दर्ज कर रही थी, जबकि सरेआम यह स्पष्ट है कि युवती का मोबाइल छीनकर ले जाया गया था। पुलिस ने किसी तरीके से चोर पकड़ लिए। पुलिस ने स्नेचिंग के आरोप में ढाणी शोभा सेखपुरा निवासी बिंटू और मिलगेट शिव कॉलोनी निवासी सोनू को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उन पर अवैध हथियार रखने की धारा भी लगा दी।
विज्ञापन


हुआ यूं कि जब छात्र का मोबाइल झपटकर बाइक सवार भागे तो उसने बाइक नंबर देख लिया। बाइक नंबर से पुलिस ने मालिक का पता लगा लिया। पुलिस ने इनमें से एक युवक के पास कॉल की और कोरियर वाले का बहना बनाकर अपना कोरियर ले जाने की बात कही। बताए गए स्थान पर युवक पहुंच गया और पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। जब पूछताछ की तो पूरा मामला सामने आया गया। मामले में शामिल दोनों युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों से छीना गया मोबाइल, चाकू और वारदात में प्रयोग की गई मोटरसाइकिल बरामद कर ली।

भिवानी से एमटेक कर रही छात्रा चारू रावल का कहना है कि जब रात करीब सवा नौ बजे घटना हुई तो मैं और मेरे पापा खुद अनाज मंडी चौकी में गए। उस समय चौकी में पुलिस कर्मी डिनर कर रहे थे। उन्होंने केवल सादे कागज पर शिकायत नोट की। रात 11 बजे पुलिस कर्मचारी घटनास्थल पर गए। वहां पर फिर पुलिस को पूरी वारदात और बाइक का नंबर बताया। यह साफ कहा कि मोबाइल छीना गया था। पुलिस ने उन्हें कुछ नहीं बताया, मामला दर्ज हुआ या नहीं। चारू का कहना है कि अगले दिन शाम चार बजे उन्हें बुलाया गया और उसका मोबाइल दिखाया, जोकि वही मोबाइल था। पुलिस ने उन्हें दोनों युवक भी दिखाए, जिन्होंने मोबाइल छीना था।

मामले की जांच कर रहे हेड कांस्टेबल ललित ने सफाई दी कि युवती सहमी हुई थी। उसने पहले यही बताया था कि उसका मोबाइल कहीं चोरी हो गया। अगले दिन युवती चारू और उसके पिता चौकी आए और उन्होंने फिर पूरा मामला बताया था। इसलिए पहले उनकी शिकायत के आधार पर ही चोरी का मामला दर्ज किया गया था।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें