पुलिस बिजली चोरी कर रही है। शहर में जितने भी चौक चौराहे हैं पुलिस ने इन पर बनाए बूथों में डायरेक्ट कुंडी कनेक्शन किया हुआ है। यह बात हम नहीं बल्कि खुद पुलिस कह रही है। आरटीआई में इसका खुलासा हुआ है। इतना ही नहीं जितने भी पुलिस बूथ बनाए गए हैं सभी अवैध हैं। पुलिस ने न तो किसी विभाग से इनकी अनुमति ली है और न ही इनका नक्शा पास है। इन पर लगाई गए विज्ञापन भी पूरी तरह से अवैध हैं इनकी भी कहीं से कोई अनुमति नहीं है।
पुलिस से आरटीआई कार्यकर्ता नीरज गुप्ता ने सूचना मांगी थी। इस सूचना में उन्होंने पुलिस से सभी चौक पर बनाए गए बूथों और उन पर दिए गए बिजली कनेक्शन के बारे में जानकारी मांगी। पुलिस ने इसका जवाब देते हुए खुद लिखा है कि किसी पुलिस बूथ पर एक भी बिजली मीटर नहीं है। न ही किसी विभाग से इन बूथों के लिए मंजूरी है। जितने भी बूथ बनाए गए हैं यह सरकारी जमीन पर बनाए गए हैं।
बूथ बनाने में एक भी पैसा विभाग ने नहीं किया खर्च
पुलिस ने आरटीआई में यह भी सूचना दी है कि पुलिस ने इन बूथों को बनवाने में एक भी पैसा नहीं खर्च किया है। बूथों पर जो विज्ञापन लगे हैं उसके लिए भी पुलिस के पास संबंधित विभाग से कोई मंजूरी नहीं ली गई है।
पुलिस ने जवाब में कहा है कि ये बूथ किसी संस्था, व्यक्ति विशेष या फिर विभाग की संपत्ति नहीं है। इन बूथों को सामाजिक लोगों ने चौक पर ड्यूटी देने वाले पुलिस कर्मचारियों के लिए गर्मी सर्दी व बरसात से बचाव के लिए बनाए गए हैं।
शहर में दस से ज्यादा बूथ, निगम को लग रही है लाखों की चपत
पुलिस के पास करीब दस से ज्यादा बूथ हैं। एक भी बूथ पर बिजली का लीगल कनेक्शन नहीं है। यह बात खुद पुलिस विभाग आरटीआई में जानकारी दे रहा है। बिजली निगम का कारनामा देखिए कि सरेआम बिजली चोरी कर रहे विभाग पर कोई एक्शन नहीं ले रहा। साल भर में पुलिस बिजली निगम को लाखों रुपये की चपत लगा रहा है।