हिसार। जिले के तीन पेट्रोल पंपों पर डाका डालने और फायरिंग करने वाले बदमाशों को पकड़ने में पुलिस नाकाम रही है। वारदात में शामिल छह बदमाशों की पहचान के बावजूद सात दिन से पुलिस के हाथ खाली हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक मोहित हांडा ने सात टीमों का गठन किया था। पेट्रोल पंप एसोसिएशन भी पुलिस अधीक्षक से मिल चुकी है।
केस नंबर एक
धीरणवास गांव स्थित केएससी पेट्रोल पंप पर 31 अक्तूबर को साढ़े तीन बजे कार में सवार 6 बदमाशों ने डाका डाला था। बदमाश कार से नीचे उतर कर पंप पर मैनेजर हरनाम के ऑफिस में गए थे। पहले दो युवक अंदर गए थे उनके हाथों में पिस्तौल थी। फिर दो युवक और आए थे। ऑफिस के अंदर मैनेजर के अलावा दो कारिंदे और थे। सभी को जान से मारने की धमकी दी और दो लाख की नकदी ली थी।
केस नंबर दो
स्याहड़वा गांव के पास कार में सवार चार बदमाशों ने तीन बजकर 5 मिनट पर पेट्रोल पंप रिवाल्वर दिखा मैनेंजर से 10 हजार नकदी थ्नी थी। मैनेजर और कारिंदें के फोन छीनकर तोड़ दिए थे। पंप मैनेजर प्रवीन कुमार ने बताया था कि दोपहर 3 बजकर 5 मिनट पर पंप पर एक कार आकर रूकी। कार से चार युवक नीचे उतर कर ऑफिस की तरफ आए। दो युवकों ने पिस्तौल निकाली और मुझ पर और कारिंदे जैक्सन पर तान दी। उसके बाद 10 हजार की नकदी छीन ली।
केस नंबर 3
गांव पाबड़ा में बालक-पाबड़ा मार्ग पर बने पंचग्रामी नामक पेट्रोल पंप पर रिट्ज कार में सवार होकर आए 6 बदमाशों ने पंप के कार्यालय से एक लाख 62 हजार की नकदी लूट थी। पेट्रोल पंप पर मौजूद सेल्समैन ने बताया था कि वे मंगलवार शाम को पेट्रोल पंप पर थे। इस दौरान गांव बालक मार्ग की ओर से एक कार में 6 नकाबपोश लोग आए। उन्होंने पंप से 1510 रुपये का तेल डलवाया। तेल डलवाने के बाद उन्होंने पिस्तौल निकालकर कारिंदों पर तान दिया व उन्हें पंप के कार्यालय में ले गए। वहां से 1 लाख 62 हजार की नकदी ले गए थे।