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55 हजार रुपये में रेमडेसिविर की कालाबाजारी करते तीन दबोचे

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हिसार। रेमडेसिविर की कालाबाजारी के हिसार से लगातार मामले सामने आ रहे हैं। बुधवार को भी तीसरा मामला सामने आया। इस बार पुलिस ने एक बोगस ग्राहक की मदद से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
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दरअसल एएसपी उपासना व शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कप्तान सिंह ने सूचना के आधार पर बुधवार शाम करीब साढ़े चार बजे ड्रग इंस्पेक्टर रमन श्योराण को साथ लेकर ये कार्रवाई की। पुलिस को सूचना मिली थी कि भिवानी के वकील कॉलोनी निवासी सियाराम गुरुग्राम से लाकर रेमडेसिविर टीके को ब्लैक में लाकर बेच रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नरवाना के राजगढ़ निवासी करण सिंह व आदमपुर के भोढ़िया बिश्नोईयान निवासी रामफल को बस अड्डे के पास स्थित सेवक सभा अस्पताल के बाहर से रेमडेसिविर की 55 हजार रुपये में कालाबाजारी करते काबू किया। इस टीके का निर्धारित रेट 3400 रुपये है।
बरामद राशि और रेमडेसिविर टीके को पुलिस ने कब्जे में लेकर तीनों के खिलाफ शहर थाने में धारा 420, 34, आवश्यक वस्तु अधिनियम और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पुलिस जांच में सामने आया है कि सियाराम गुरुग्राम स्थित एक अस्पताल में कंपाउंडर के तौर पर काम करता है। यह वहां से करण सिंह के कहने पर एक टीका 35 हजार रुपये में लेकर आया था और करण सिंह ने सियाराम से कहा कि रामफल के साथ जाकर सेवक सभा के सामने एक व्यक्ति को यह इंजेक्शन 55 हजार रुपये में दे देना। जहां से पुलिस ने आरोपियों को रंगे हाथों काबू किया। आरोपियों से पूछताछ जारी है आरोपियों को वीरवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
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रेमडेसिविर टीके ब्लैक करने वाले को भेजा जेल
हिसार। रेमडेसिविर के टीके की कालाबाजारी करने के आरोपी शंटी को पुलिस ने एक दिन के रिमांड के बाद बुधवार को दोबारा अदालत में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने रिमांड अवधि में आरोपी के रतिया के पास ससुराल से 50 हजार रुपये बरामद कर लिए हैं। मामले के संबंध में ड्रग कंट्रोलर डॉ. सुरेश चौधरी ने शहर थाने में दी शिकायत में बताया था कि उन्हें डॉ. संदीप कुमार गुप्ता ने शिकायत दी कि कुछ दिन पहले शंटी ने किसी मरीज को 25 हजार रुपये प्रति टीके के हिसाब से चार टीके ब्लैक किए थे। उस मरीज के देहांत के बाद इनमें से बचे दो टीके जब परिजन लौटाने आए तो इसके बारे में खुलासा हुआ। मामले में पुलिस जांचकर्ता एसआई सत्यवान ने बताया कि आरोपी शंटी के खिलाफ धारा 7 (ए), 51 (बी) और 420 के तहत केस दर्ज किया था।
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