हिसार। स्वच्छता सर्वेक्षण 2024 भी 9500 अंकों का होगा। हालांकि इस बार में सर्वेक्षण में सेवा स्तर की प्रगति (सर्विस लेवल प्रोग्रेस) के अंक 50 से बढ़ाकर 60 प्रतिशत निर्धारित किए हैं। इसके अलावा प्रमाणीकरण (सर्टिफिकेशन) के 26 प्रतिशत व जन आंदोलन के 14 प्रतिशत अंक होंगे। इशहर वासियों के सड़क पर थूकने और खुले में पेशाब करने पर स्वच्छता के अंक कटेंगे। इन दोनों श्रेणी में कुल 120 अंक सर्वेक्षण में शामिल किए गए हैं। बता दें कि स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 भी 9500 अंकों का था, जबकि वर्ष 2022 में कुल अंक 7500 थे।
ठोस कचरा प्रबंधन के 1711 अंक
इस बार सेवा स्तर की प्रगति को 6 श्रेणियाें में बांटा गया था, जबकि पिछले वर्ष इसमें 3 श्रेणियां थीं। वहीं पिछले वर्ष इसके 4830 अंक थे, जो इस बार बढ़ाकर 5705 कर दिए गए हैं। इस बार में सेवा स्तर की प्रगति में ठोस कचरा प्रबंधन, सफाई, इस्तेमाल किए गए पानी का प्रबंधन व सफाई मित्र सुरक्षा, दृश्यमान स्वच्छता, संकेत सूचक, वर्गीकरण, एकत्रीकरण व यातायात और विरासत अपशिष्ट निस्तारण को शामिल किया गया है। इनमें सबसे ज्यादा 30 प्रतिशत अंक ठोस कचरा प्रबंधन के हैं। इसके अलावा सफाई, इस्तेमाल किए गए पानी का प्रबंधन व सफाई मित्र सुरक्षा के 22 प्रतिशत, दृश्यमान स्वच्छता के 17 प्रतिशत, संकेत सूचक के 14 प्रतिशत, वर्गीकरण, एकत्रीकरण व यातायात के 13 प्रतिशत और विरासत अपशिष्ट निस्तारण के 4 प्रतिशत अंक निर्धारित किए हैं।
चार चरणों में होगा स्वच्छता का मूल्यांकन
इस दौरान चार चरणों में स्वच्छता का मूल्यांकन किया जाए। पहले दो चरणों में मूल्यांकन स्वच्छता सर्वेक्षण 2023 के मानकों के अनुसार किया जाएगा। पहले चरण के 400 व दूसरे चरण के 570 अंक निर्धारित किए गए हैं। वहीं तीसरा चरण का मूल्यांकन जनवरी व फरवरी माह में होगा। इस चरण के 1882 अंक होंगे, जो कुल अंकों का 30 प्रतिशत है। इसके अलावा चौथे चरण का मूल्यांकन अप्रैल व मई में होगा, जिसके 2853 अंक होंगे।
इन पर भी रहेगा जोर
शहर का सुंदरीकरण : 300 अंक
पर्यटकों के रुचि स्थल, स्मारक व पार्कों की सफाई : 140 अंक
बरसाती नालों व जल स्रोतों की सफाई : 75 अंक
स्कूलों में सफाई : 75 अंक
घरों से कचरे का उठान : 300 अंक
मौके पर ही गीला व सूखा कचरा एकत्रित करना : 300 अंक
सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध : 150 अंक