लाडवा में हैंडबाल का अभ्यास करती खिलाड़ी।
हिसार। खेल विभाग की ओर से विभिन्न खेलाें की नर्सरियों को शुरू हुए करीब 8 माह हो चुके हैं। नर्सरियों में अभ्यास कर खिलाड़ियों ने स्टेट से लेकर नेशनल स्तर पर पदकों की झड़ी लगाई, लेकिन आज तक खिलाड़ियों के खाते में डाइट राशि नहीं पहुंची है। इतना ही नहीं नर्सरियाें में अभ्यास करवाने वाले कोच को भी वेतन का इंतजार है। अब परीक्षा के चलते फरवरी और मार्च माह में खेल नर्सरियां बंद रहेंगी। अप्रैल में दोबारा से खेल नर्सरियां खोलने की प्रक्रिया शुरू होगी।
खेल नर्सरियों में 8 साल से 14 और 15 से 19 साल तक के खिलाड़ी अभ्यास करते है। 8 से 14 साल के खिलाड़ियों को प्रतिमाह 1500 और 15 से 19 साल तक के खिलाड़ियों को 2000 रुपये देने का प्रावधान है। खिलाड़ियों का कहना है कि उनके खाते में एक माह की डाइट राशि नहीं आई है। वहीं, कोच को 20 हजार से 25 हजार रुपये प्रतिमाह देने का प्रावधान रखा गया है। विभाग की ओर से जिले में 85 खेल नर्सरियां खोली गई थीं। खिलाड़ियों का कहना है कि डाइट राशि नहीं मिलने से खेल प्रदर्शन पर असर पड़ रहा है।
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मैं दो साल से अभ्यास कर रही हूं। स्कूली नेशनल स्तर पर कांस्य पदक हासिल कर चुकी। अभी तक खाते में डाइट राशि नहीं पहुंची है। यदि डाइट ही नहीं लेंगे तो प्रदर्शन पर भी असर पड़ेगा। -
नेहा, हैंडबाल खिलाड़ी
अभ्यास के साथ खिलाड़ियों को डाइट लेना जरूरी है, तभी वह मैदान में ठीक ढंग से अभ्यास कर पाएंगे। डाइट राशि देने का प्रावधान होने के बाद भी नहीं दी जा रही है। माता-पिता डाइट का खर्चा उठाने में समर्थ नहीं है। -
काफी, हैंडबाल खिलाड़ी
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ढाई साल पहले मैंने हैंडबाल से अपने कॅरिअर की शुरुआत की थी। स्कूली नेशनल चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुकी हूं। अभी तक किसी भी खिलाड़ी के खाते में डाइट राशि नहीं पहुंची है। ऐसे में परेशानी उठानी पड़ रही है। -
अंजू, हैंडबाल खिलाड़ी
फरवरी और मार्च में खेल नर्सरियां बंद रहेंगी। हमारे पास पत्र आ चुका है। हमारी ओर से नर्सरी के खिलाड़ियों की हाजिरी भेजी जा चुकी है। खिलाड़ियों के खाते में मुख्यालय की ओर से ही पैसा डाला जाएगा। -
नरेश कुमार, जिला खेल अधिकारी