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Hisar News: साबुन-फेसवाॅश बनाकर स्वावलंबी बनीं पिंकी औरों को भी दे रही रोजगार

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ग्रुप के सदस्यों के साथ सर्फ तैयार करती पिंकी।
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हिसार। जज्बा हो तो छोटे-छोटे प्रयास भी सफलता की बड़ी मिसाल बन जाते हैं। यह साबित कर दिखाया है गांव पातन की पिंकी ने। उन्होंने इसी साल जून में घर पर ही साबुन, वाशिंग पाउडर, फेसवॉश, फिनाइल और हैंडवॉश सहित अन्य उत्पाद बनाने का काम शुरू कर स्वालंबन की राह पकड़ी और अन्य महिलाओं को भी इस रोजगार से जोड़ा।
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पिंकी के साथ रेखा और दर्शना भी इस काम से जुड़ी हैं। पिंकी बतातीं हैं कि शुरुआत में ये उत्पाद केवल गांव की महिलाओं और परिवारों तक ही सीमित थे, लेकिन धीरे-धीरे इनकी गुणवत्ता और किफायती दाम की चर्चा शहर तक पहुंच गई। अब आसपास के दुकानदार भी इन सामान की मांग करने लगे हैं। रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले इन प्रोडक्ट्स को बनाने में ज्यादा खर्च नहीं आता और थोड़े समय में ही तैयार हो जाते हैं। पिंकी का सपना है कि इस काम को बड़े स्तर पर बढ़ाया जाए और अधिक से अधिक महिलाओं को इससे जोड़ा जाए। ताकि गांव की महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन सकें और घर बैठे आय का साधन पा सकें। उन्होंने बताया कि इसके लिए उन्होंने पहले से ही कई महिलाओं की सूची तैयार कर रखी है, जिन्हें समय मिलते ही इस काम से जोड़ा जाएगा। गांव में बारिश का पानी भरने के कारण फिलहाल काम रोक रखा है। जैसे ही हालात सामान्य होंगे काम फिर से शुरू करेंगी।

ट्रेनिंग से मिली दिशा
पिंकी ने इस काम की शुरुआत से पहले 6 दिन की ट्रेनिंग ली थी। ट्रेनिंग ने उत्पादों की सही तकनीक और क्वालिटी बनाए रखने का तरीका सिखाया। अब वह आत्मविश्वास से कहती हैं कि बारिश और मौसम की बाधाएं न आतीं तो अब तक कई महिलाओं को इस काम से जोड़ चुकी होतीं।
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आत्मनिर्भरता की ओर कदम
गांव पातन की यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही है। घर से शुरू किया गया छोटा काम अब रोजगार का माध्यम बनने की ओर है। पिंकी और उनकी साथी महिलाएं मानती हैं कि मेहनत और सहयोग से यह काम न सिर्फ उनके परिवारों की जिंदगी बदलेगा बल्कि अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाने का जरिया बनेगा।
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