माई सिटी रिपोर्टर
हिसार। उपायुक्त महेंद्र पाल ने बुधवार को महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग, विकास एवं पंचायत विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों की बैठक लेकर 0 से 71 माह आयु वर्ग के बच्चों में गंभीर व मध्यम तीव्र कुपोषण के प्रभावी प्रबंधन के लिए पायलट प्रोजेक्ट पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि यह पहल हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान के माध्यम से लागू की जा रही है।
पायलट परियोजना का मुख्य उद्देश्य पोषण पुनर्वास केंद्रों (एनआरसी) में चिकित्सीय आहार के जरिए कुपोषित बच्चों के उपचार को मजबूत करना है। बैठक में ऐसे बच्चों की पहचान, रेफरल और अनुवर्ती कार्रवाई से जुड़ी जमीनी चुनौतियों पर भी चर्चा हुई।
नोडल अधिकारी डॉ. नीरू ने साक्ष्य-आधारित योजना और विभागीय समन्वय पर जोर दिया। टीम लीड राहुल सिंगला ने सेवा वितरण और निगरानी तंत्र को मजबूत करने की आवश्यकता बताई। सेक्टर विशेषज्ञ डॉ. अमिता रानी ने कार्यान्वयन व प्रभाव आकलन में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका पर प्रकाश डाला। बैठक में सीएमओ डॉ. सपना गहलावत, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सिंह और जिला कार्यक्रम अधिकारी मंजू राणा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।