हांसी जुलाना रूट पर चलने वाली दो प्राइवेट बसों के परमिट को अनियमिताओं के चलते सस्पेंड किया गया। विरोध में अन्य प्राइवेट बस चालकों ने हड़ताल कर रूट पर एक भी बस नहीं चलाई। जिसके कारण यात्रियों को पूरा दिन भारी परेशानी हुई।
हांसी जुलाना बस वाया गढ़ी, भाटोल, बास, करोला, झमोला होकर जुलाना जाती है। जुलाना जाने के लिए नौ प्राइवेट बसों के पास परमिट है, लेकिन बीते काफी समय से बसों को लेकर रोडवेज के पास शिकायतें आ रहीं थी। इसमें ज्यादातर शिकायतें समय को लेकर थी। शिकायत थी कि दो बसों की जगह पर एक बस चलाई जा रही है। सुबह के समय आने वाली बसें देरी से चलाई जा रही हैं। जिससे सबसे ज्यादा समस्या विद्यार्थियों व नौकरी करने वाले को हो रही है। इसको लेकर ग्रामीणों द्वारा कई बार बस संचालकों को कहा गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के अनुसार रूट पर पहली बस सुबह 6 बजे चलती है, लेकिन गांव में बस तय समय से एक घंटा देरी से आती है। बीते दिनों ग्रामीणों ने सीएम विंडो पर शिकायतें भी की। जिस पर जांच की गई व आरटीओ द्वारा परमिट सस्पेंड किया गया। परमिट सस्पेंड करने की सूचना पर इस रूट पर बसें चलाने वाले अन्य बस संचालक भड़क गए। उन्होंने विरोध कर सोमवार को बसें बंद रखी। जिसके चलते यात्रियों को खासा परेशानी हुई। हालांकि रोडवेज द्वारा यात्रियों की संख्या देखकर इस रूट पर अतिरिक्त बसें चलाईं गई। शाम तक इस रूट पर 14 बसें चलाई गई। जबकि रोडवेज की 9 बसें इस रूट पर चलती हैं।
इतने रूट हैं बसों के
इस रूट पर 9 प्राइवेट व तीन रोडवेज बसें चलती हैं। एक दिन में इस रूट पर 36 बार बसें चलती हैं। जिसमें से प्राइवेट बसों के 27 व रोडवेज के 9 चक्कर होते हैं। प्रतिदिन करीब दो हजार लोग इस रूट पर आवागमन करते हैं। सुबह पहली बस 6 बजे चलती है व आखिरी बस 7 बजकर 10 मिनट पर चलती है।
बसों को लेकर हमने कई बार संचालकों को सुधार के लिए कहा। दो दिन पहले बस संचालक इस मामले में रूट पर पड़ने वाले गांवों के सरपंचों का समर्थन लेने के लिए आए थे। हमने समर्थन देने से मना कर दिया था। हम रूट पर बेहतर सुविधा चाहते हैं।
- देवेंद्र, सरपंच, भाटोल
इस रूट पर हांसी से बस चलती है। हिसार से कोई सीधी बस नहीं है। बस के इंतजार में डेढ़ घंटे तक खड़ी रही। जो बस मिली उसमें बहुत भीड़ थी।
- मुस्कान, रिजवाना, हिसार
जब भी इस रूट पर आती हूं तो काफी भीड़ मिलती है व बस नहीं मिलती। इस रूट पर बस सर्विस नहीं है व समय पर बस नहीं मिलती। हड़ताल के चलते और ज्यादा समस्या हुई।
ज्योति, किला जफरगढ़, जुलाना
बस की इंतजार में टांगों में दर्द हो गया
शहर में खरीददारी करने के लिए आई थी। यहां आकर पता चला प्राइवेट बसों की हड़ताल है। बस के इंतजार में खड़े खड़े टांगों में दर्द हो गया। बसों को लेकर समस्या है।-
विद्या देवी, 68 वर्षीय, बास