हिसार के एक गांव की दुराचार पीड़ित युवतियों के समर्थन में दिल्ली के जंतर-मंतर पर कैंडल मार्च निकालकर न्याय की मांग की गई। मौके पर दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रों ने चारों नाबालिग पीड़िताओं के साथ प्रदर्शन किया।
छात्रों ने इस दौरान सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की। साथ ही दुराचार के मामले को सीधा फास्ट ट्रैक कोर्ट में भेजने की अपील की।
पिछले चार दिनों से जंतर-मंतर पर न्याय की आस में बैठी नाबालिग पीड़िताओं के समर्थन में उतरे छात्रों ने आरोपियों को जल्द से जल्द सजा देने की मांग की।
छात्रों ने कहा कि एक महीने पहले हिसार के गांव की लड़कियों के साथ दुराचार करने वाले अभी भी खुले घूम रहे हैं। वहीं पीड़िताएं न्याय के लिए भटक रही हैं।
डीयू के छात्र युद्धिष्ठर मलिक ने कहा कि बलात्कारियों को जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए। साथ ही जंतर-मंतर पर लड़कियों के साथ बैठे उनके परिजनों और ग्रामीणों को सुरक्षा मुहैया कराई जानी चाहिए।
इस दौरान पीड़ितों के साथ आए वेदपाल तंवर ने कहा कि अब वे कानून का सहारा लेंगे। इस दौरान डीयू के सुभाषिनी, निशांत, नरेश, अंशिता और चरणप्रीत आदि मौजूद रहे।
गांव से 23 मार्च को चार लड़कियों का अपहरण किया गया था। इनमें से दो के साथ दुराचार की पुष्टि हुई, जबकि दो के साथ छेड़छाड़ हुई थी।
पुलिस ने पांच आरोपियों को इस मामले में दबोचा, लेकिन पीड़ित परिवार का कहना है कि इस मामले में सरपंच भी संलिप्त है। सरपंच पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
इसके अलावा पीड़ितों की आर्थिक मदद और शहर में पुनर्वास की भी मांग है, जिसे प्रशासन अनसुना कर रहा है।