हिसार। साध्वी करुणागिरी महाराज ने कहा कि सत्संग के अवसर कई जन्मों के पुण्य से मिलते हैं। भगवान की शरण में बैठकर गुणगान करना सौभाग्य है। वह रविवार को अग्रसेन भवन में बाबा जोध सचियार सेवा समिति की ओर से आयोजित दसवें संत समागम एवं सत्संग समारोह में प्रवचन कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि पितृ पक्ष में सत्संग और भगवान के नाम का स्मरण विशेष महत्व रखता है। जप से कठिन परिस्थितियों से उबरने की शक्ति मिलती है जबकि तप जीवन को सही दिशा देता है।
कार्यक्रम की शुरुआत सुखमणि साहिब के पाठ से हुई। सतनाम सिंह आसनकलां, लवप्रीत सिंह सिरसा, बीबी सरोज कौर खुराना दिल्ली, अरुण गंगानगर और डॉ. मोहन तनेजा ने सत्संग व कीर्तन के माध्यम से आध्यात्मिक संदेश दिया। इस दौरान सतनाम वाहेगुरु, जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल तथा वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह के जयकारे गूंजते रहे।
समिति ने हिसार में बाबा जोध सचियार के लिए स्थायी और भव्य स्थान बनाने के लिए सरकार से जमीन उपलब्ध कराने की मांग रखी। हांसी के विधायक विनोद भयाना ने कहा कि वह विधायक सावित्री जिंदल के साथ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलकर यह मांग रखेंगे। जिंदल ने लंगर सेवा के लिए 51 हजार रुपये देने की घोषणा की।
समारोह में अटूट लंगर लगाया गया तथा संतों, अतिथियों और वक्ताओं को सिरोपा पहनाकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर समिति प्रधान दयानंद भयाना, वरिष्ठ उपप्रधान कश्मीर भयाना, महासचिव भूपेन्द्र भयाना, उपप्रधान राजेंद्र ग्रोवर, कोषाध्यक्ष राम धमीजा सहित अन्य सदस्य और समाजसेवी मौजूद रहे।