जाट आंदोलन में प्रदेश भले ही जल रहा हो, लेकिन उकलाना मंडी
ने मिसाल कायम की है। संभवत: प्रदेश का पहला शहर होगा जहां, दो हजार के
करीब जाट शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे हैं।
यहां सुरेवाला चौक पर जाट समाज के
लोग धरने पर बैठे हुए हैं। जाम में फंसे लोगों और वाहन चालकों को 24 घंटे
चाय और भोजन उपलब्ध करवा कर आंदोलनकारियों ने भाईचारे का उदाहरण पेश किया
है।
सुरेवाला चौक पर धरने पर बैठे लोगों ने एक संचालन कमेटी बनाई है, जिसमें
जिला परिषद् के पूर्व चेयरमैन अजीत लितानी, विनोद धतरवाल, अमीसिंह, नरेंद्र
घणघस, सुरेंद्र लितानी, रणधीर सिंह, वधवाराम नंबरदार, जगबीर, राजेश कुंडू
आदि को शामिल किया गया।
इस कमेटी ने यह संकल्प लिया कि आंदोलन जरूर करेंगे,
मगर आंदोलन की आड़ में उकलाना शहर में किसी तरह की लूटमार, आगजनी व अन्य
अप्रिय वारदात नहीं होने देंगे।
हार गांव में पहुंचाएंगे संदेश
कमेटी ने निर्णय लिया कि भाईचारे का संदेश हर गांव में पहुंचाया जाएगा।
गांव से आने वाले आरक्षण समर्थकों को भी गांव में चलने से पूर्व इस संकल्प
कराया गया कि वे किसी अप्रिय घटना को अंजाम नहीं होने देंगे। संचालक कमेटी
का यह प्रयास सिरे भी चढ़ा। उकलाना क्षेत्र में कहीं भी नुकसान नहीं हुआ।
हालांकि एक दो बार शरारती तत्वों ने अफवाह फैलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
मगर कमेटी ने तत्परता दिखाते हुए अफवाह को दबा दिया।
विनम्रता से रख रहे बात
यहां 24 घंटे भोजन व चाय की व्यवस्था की गई और जाम में फंसे वाहन चालकों तक
भोजन भिजवाया गया। साथ ही विनम्र निवेदन के साथ उनको अपनी व्यथा भी सुना
रहे हैं कि उन्हें आरक्षण क्यों चाहिए। वाहन चालकों उनकी इस बात का समर्थन
किया है। आंदोलन में महिलाओं का जज्बा भी नजर आया। धरनास्थल पर प्रतिदिन
महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे भी पहुंच रहे हैं।