जाट आरक्षण मामले को लेकर क्षेत्र में बिगड़े हालात सामान्य होने का
नाम नहीं ले रहे हैं। शहर में एक तरफ जहां उपायुक्त पक्ष व विपक्ष के
नेताओं के साथ शांति मार्च निकाल रहे थे, उसी वक्त ढाणी पाल और सिसाय के
ग्रामीण असलाह लिए एक-दूसरे पर हमला करने के लिए आमने-सामने डटे हुए थे।
तनाव रोकने की तमाम कोशिशों के बावजूद उपद्रवियों ने सिसाय में कई मकानों
में आग लगा दी। वहीं सिसाय के कुछ लोगों ने ढाणी पाल में हमला कर लालपुरा
निवासी कृष्ण को गोली मार दी।
गोली कृष्ण के पेट में लगी है। उसे यहां
सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां से उसे बाद में हिसार रेफर कर
दिया गया। वहीं इसी झड़प में कृष्ण के जीजा हरफूल को भी चोट आई है। उसे भी
यहां सिविल अस्पताल में लाया गया है।
शोरूम में लगाई आग
हांसी शहर में भी अनियंत्रित भीड़ ने पुराना बस अड्डे पर स्थित एक मोपेड के
शोरूम को आग लगा दी। हालांकि इस शोरूम में कोई मोपेड नहीं थी अलबत्ता वहां
रखा अन्य सामान जल गया। उपद्रवियों ने शोरूम के बाहर खड़ी एक बाइक को भी
आग के हवाले कर दिया। इसी भीड़ ने नजदीक में ही स्थित जेट इंजन के शोरूम को
भी आग लगाने की कोशिश की, लेकिन कामयाब नहीं हो सके।
सेना-पुलिस ने संभाला मोर्चा
दोपहर बाद तक सिसाय और सैनीपुरा के बीच में दो पक्षों के बीच स्थिति
तनावपूर्ण रही। एक तरफ जाट समुदाय के लोग थे तो दूसरी तरफ गुर्जर समुदाय के
लोग डटे हुए थे। इनके बीच सेना तथा पुलिस ने मोर्चा संभाल रखा था।
मकानों में लगाई आग
सेना के खौफ की अनदेखी कर कुछ लोगों ने सिसाय के खेतों में बने कुछ मकानों
को आग के हवाले कर दिया। इससे गुस्साएं सिसाय के लोग भी फ्रंट पर आ गए और
उन्होंने ढाणी पाल में फिर से उसी जगह हमला कर दिया, जहां रविवार की रात को
संजय गुर्जर को गोली मारकर वाहनों को आग लगाई गई थी।
इस ताजा गोलीबारी में
संजय के मामा लालपुरा गांव निवासी कृष्ण गुर्जर के पेट में गोली लगी और
संजय के पिता हरफूल को भी चोट आई है। कृष्ण यहां अपने जीजा हरफूल गुर्जर के
पास आया हुआ था।
हेलिकाप्टर से उतारा सामान
देर शाम हेलिकाप्टर से सेना के जवानों ने जरूरी सामान उतारा। इसके लिए
नेहरू कॉलेज में हेलिपेड बनाया गया था। सिटी थाना प्रभारी कृष्ण लाल ने
बताया कि हेलिकाप्टर आर्मी कैंट से सामानों को लेकर यहां आया था।
रिबॉक शोरूम में लूटपाट का मंजर
हिसार रोड पर स्थित भाईजी ढाबा और उनके रिबॉक शोरूम में आग लगाने से
पहले उपद्रवियों ने वहां जमकर लूटपाट की थी।
शोरूम के मालिक नरेंद्र भयाना
ने बताया कि उपद्रवी अपनी पुरानी चप्पलें और पुराने जूते वहीं शोरूम में
उतार गए और जिसे जो पसंद आया, वही जूता पहनकर चला गया। कई तो अपने साथ अन्य
कई जोड़ी जूते भी लेकर भाग निकले। इतना ही नहीं उपद्रवी वहां रखे ब्रांडेड कंपनियों के ट्रैक सूट और अन्य परिधान भी पहनकर भाग निकले।
सोमवार को शहर के लोगों ने भी पूरी तरह जल चुके शोरूम और दूसरे
प्रतिष्ठानों पर जाकर पीड़ितों को ढांढस बंधाया। कुछ इसी तरह का वाकया
नरेंद्र भयाना के एमआरएफ टायर के शोरूम पर भी हुआ। यहां भी उपद्रवियों ने
शोरूम में आग लगाने से पूर्व काफी मात्रा में टायर निकाल लिए और उन्हें
लेकर इधर-उधर दौड़ गए थे। कुछ युवकों की पहचान किए जाने के भी दावे किए जा
रहे हैं।
हांसी उपमंडल के तीन गांवों में लगाया कर्फ्यू
हांसी उपमंडल में तनावपूर्ण हालात के चलते उपायुक्त डॉ. चंद्रशेखर
खरे ने हांसी उपमंडल के गांव सिसाय के दोनों पानों बौलान और कालीरावण के
अलावा सैनीपुरा और ढाणी पाल में कर्फ्यू लगाने के आदेश जारी किए हैं।
उन्होंने उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश भी दिए हैं। उपायुक्त
ने इन गांवों के सभी लोगों से अपील कि है की वे अपने घरों के अंदर रहें।
सेना और प्रशासन का सहयोग करें।