नए कृषि विधेयकों के विरोध में शुक्रवार को भारत बंद के तहत जिले के किसानों का आंदोलन एकदम शांतिपूूर्ण रहा। इस दौरान किसानों ने जिले में अलग-अलग जगहों पर कुछ घंटों के लिए रोड जाम किए तो पुलिस ने रास्ते डायवर्ट कर वाहनों का अन्य रास्तों से निकाला। आंदोलन का बाजारों पर कोई खास असर देखने को नहीं मिला। शहरी क्षेत्रों में बाजार पूरी तरह से खुले रहे तो ग्रामीण एरिया में कहीं-कहीं कुछ देर के लिए व्यापारियों ने दुकानों के शटर गिरा दिए, लेकिन कुछ देर बाद ही शटर दोबारा से उठा भी लिए। आंदोलन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद रहा। जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने को सात डीएसपी सहित 600 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।
शहर में किसान सभा तहसील हिसार ने जिला प्रधान शमशेर नंबरदार के नेतृत्व में सुबह 11 बजे लघु सचिवालय के सामने रोड जाम कर दिया। किसानों ने करीब तीन बजे यह जाम हटाया। इस दौरान वाहनों को सेक्टर-15 से गुजारा गया। किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर काफी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे। इस अवसर पर जिला सचिव धर्मबीर कंवारी ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार नए विधेयकों को वापस नहीं लेती, तब तक किसान पीछे नहीं हटेंगे। इस मौके पर धर्मपाल बागड़ी, हनुमान जौहर, राजकुमार, रामानंद यादव, रमेश मिरकां, का. सुरेश, ऋषिकेश, विरेन्द्र दुर्जनपुर, भीम उमरा, रतन मात्रश्याम, जगीर कंबोज, नफे, बलराज, प्रकाश बादल, ओमप्रकाश, आनंद देव, महाबीर गोदारा, जयसिंह, शेरसिंह आदि मौजूद रहे।
किसानों ने पारिजात चौक पर किया प्रदर्शन
भारतीय किसान संघर्ष समिति के बैनर तले किसानों ने पारिजात चौक पर प्रदर्शन करते हुए विरोध जताया। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष बबलू सहरावत ने की। इस मौके पर किसान नेताओं ने कहा कि अगर सरकार वास्तव में ही किसानों का भला चाहती है तो एमएसपी रेट पर फसलें खरीदी जाएं और इसे कानूनी रूप दिया जाए। इस मौके पर युवा जिलाध्यक्ष जोगेंद्र मय्यड़, सोमबीर भगाना, रघुवीर कुंडू, सुनील, जिले सिंह, सूबेसिंह नियाणा, रामकिशन, हवासिंह, व्यापारी नेता पवन प्रधान, कृष्ण गोयल, संजय नागपाल आदि मौजूद रहे।
उपमंडल में किसानों के आंदोलन का मिला-जुला असर देखने को मिला। इस दौरान नारनौंद व बास के बाजार खुले रहे तो खेड़ी चौपटा का बाजार बंद रहा। बास की अनाज मंडी में किसानों ने धरना दिया। खेड़ी चौपटा में किसान नेता सुरेश कोथ की अध्यक्षता में धरना दिया और कुछ समय के लिए रोड जाम भी किया।
खांडाखेड़ी में भिवानी-चंडीगढ़ व माजरा प्याऊ में हांसी-चंडीगढ़ रोड पर भी जाम लगाया गया। सुरेश कोथ ने कहा कि केंद्र सरकार ने जो विधेयक किसानों पर लागू किए हैं, उन्हें राज्य सरकार चाहे तो लागू करने से मना कर सकती है। सरकार किसानों को गुमराह कर रही है। एमएसपी पर सिर्फ छह प्रतिशत फसलें ही बिकती हैं, बाकी फसलें अब भी किसान बाहर ही बेच रहा है। इस अवसर पर राजकुमार राखी, रामफल जांगड़ा, रतन मिलकपुर, जिला पार्षद रमेश श्योराण, साधु खेड़ी, महाबीर, रामनिवास खेड़ी, युद्धवीर नंबरदार, नरेश उर्फ काला, मुकेश लोहान, शीलू लोहान, पवित्र सिंधु आदि मौजूद रहे।
हांसी मार्ग पर गांव राजली के पास सड़क मार्ग जाम किए किसान।- फोटो : Hisar
उकलाना मंडी में सिरसा-चंडीगढ़ हाईवे पर जाम लगाते किसान।- फोटो : Hisar