हिसार। गुरु गोरखनाथ राजकीय महाविद्यालय में वीर बाल दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित खेल प्रतियोगिताओं में रस्साकशी पुरुष वर्ग में परीक्षित नैन की टीम ने पहला स्थान हासिल किया, जबकि राज्यवर्धन की टीम दूसरे स्थान पर रही। महिला वर्ग में शारीरिक शिक्षा विभाग की टीम प्रथम और एनएसएस स्वयंसेवकों की टीम द्वितीय स्थान पर रही।
100 मीटर दौड़ (महिला वर्ग) में अन्नु ने पहला और गायत्री ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। वहीं, पुरुष वर्ग की 100 मीटर दौड़ में सोनू पहले और संकित बूरा दूसरे स्थान पर रहे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यूनिट और शारीरिक शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जनजागरूकता रैली निकाली गई। रैली में युवाओं को नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई गई। इस दौरान नशा मुक्ति और देशभक्ति से ओतप्रोत नुक्कड़ नाटक, वाद-विवाद और भाषण प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया।
राजगढ़ रोड तक गई रैली, नशे के दुष्परिणाम बताए : शारीरिक शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ. सुखबीर सिंह के नेतृत्व में जागरूकता रैली कॉलेज के खेल मैदान से शुरू होकर राजगढ़ रोड होते हुए वापस महाविद्यालय परिसर में पहुंची। उप प्राचार्य डॉ. राजेंद्र सेवदा ने नशे के दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। मनोविज्ञान प्रवक्ता डॉ. चंद्रकांत गौरसी ने विद्यार्थियों को व्यक्तित्व विकास और चरित्र निर्माण के बारे में जानकारी दी। एनएसएस प्रोग्राम अधिकारी डॉ. सुनील कुमार ने एनएसएस गतिविधियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की।
इस अवसर पर प्रो. मनोज कुमार, डॉ. यशवंत सांगवान, डॉ. प्रवीण बिश्नोई, डॉ. आजाद बिश्नोई, डॉ. एनएस तोमर, डॉ. भावना, डॉ. शशिबाला सहित अन्य शिक्षक और स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
प्राचार्य डॉ. विवेक कुमार सैनी ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वीर बाल दिवस हमें यह याद दिलाता है कि साहस उम्र का मोहताज नहीं होता। 26 दिसंबर 1705 को गुरु गोबिंद सिंह के छोटे साहिबजादे जोरावर सिंह और फतेह सिंह ने धर्म, आस्था और सत्य की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि भारत वीरों और देशभक्तों की भूमि रहा है।