कभी बिजली निगम के मांगने पर भी बकाया नहीं भरने वाले लोग अब खुद चलकर बिजली निगम के दफ्तरों में पहुंच रहे हैं। गांव में गई बिल रिकवरी टीमों को लाठियां दिखाने वाले गांव के चौधरी अब बड़े अधिकारियों के आगे गिड़गिड़ा रहे हैं। एसडीओ से लेकर एसई तक के ऑफिस में कोई किस्त बनवाने तो कोई बिजली बिल माफ करवाने की जुगत में लगा हुआ है।
दरअसल, पंचायत चुनावों में सरकार की एक शर्त ने बिजली निगम के सालों से बकायेदारों की नींद उड़ा दी है। अगर बिजली के बकाया बिल नहीं भरे तो एनओसी नहीं मिलेगी और चौधर के सपने अधूरे रह जाएंगे।
72 हजार 158 बकायेदारों पर 308 करोड़ रुपये बाकी
बिजली निगम के अभी भी पूरे हिसार सर्कल में 1 लाख 32 हजार 323 बकायेदारों में 357 करोड़ 20 लाख रुपये बाकी पड़े हैं। हिसार सर्कल में हिसार और फतेहाबाद दोनों जिले आते हैं।
इसमें से अकेले हिसार जिले में 72 हजार 158 बकायेदारों से करीब 308 करोड़ 29 लाख 97 हजार 284 रुपये बिजली निगम को लेने बाकी हैं। अगर यह पूरी राशि बिजली निगम इस पंचायत चुनाव के दौरान भरवा लेता है, तो निगम को घाटे से कुछ राहत मिल सकती है।
वित्तमंत्री के हलके में अटके पड़े 165 करोड़ से ज्यादा
अकेले वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के हलके नारनौंद में ही बिजली निगम के 165 करोड़ रुपये से ज्यादा अटके पड़े हैं। नारनौंद सब डिविजन के तहत आने वाले 16 हजार 549 डिफॉल्टरों में 165 करोड़ 34 लाख 92 हजार से ज्यादा रुपये बाकी हैं। ऐसे में बिजली निगम को इस एक शर्त से काफी राहत मिली है।
नारनौंद हलके से भी लोगों ने बिजली निगमों कार्यालय में एनओसी लेने के लिए चक्कर काटने शुरू कर दिए हैं। भारी भरकम राशि होने के बाद अब लोग कुछ माफी देने या किस्त बांधने की मांग कर रहे हैं, ताकि थोड़ा-थोड़ा कर बकाया उतारा जा सके।
बिजली निगम नहीं दे रहा कोई छूट
बिजली निगम के अधिकारियों ने भी अब डिफॉल्टरों को किसी भी प्रकार की छूट देने से इंकार कर दिया है। पंचायत चुनाव लड़ने वालों को फिलहाल कोई छूट नहीं दी जा रही है, बल्कि उनसे एक साथ ही सारी बकाया राशि भरने की बात कही जा रही है। यही कारण है कि अब चुनाव लड़ने वालों के सामने बिजली की बकाया राशि भरने के अलावा कोई चारा नहीं बचा है।
सब डिविजन ऑफिस अनुसार डिफॉल्टर और राशि
सब डिविजन ऑफिस डिफॉल्टर राशि
नारनौंद 16549 करीब 165 करोड़ 34 लाख 92 हजार
मुंढाल 6131 करीब 62 करोड़ 26 लाख 2 हजार
हांसी सब अर्बन 10450 करीब 33 करोड़ 51 लाख 40 हजार
उमरा सब ऑफिस 3579 करीब 19 करोड़ 66 लाख 34 हजार
बरवाला 12700 करीब 15 करोड़ 90 लाख 19 हजार
सातरोड़ 6103 करीब 4 करोड़ 71 लाख 36 हजार
सिसाय 2417 करीब 2 करोड़ 35 लाख 61 हजार
आदमपुर 7678 करीब 2 करोड़ 20 लाख 73 हजार
बालसमंद 2978 करीब 1 करोड़ 23 लाख 92 हजार
अग्रोहा 3499 करीब 1 करोड़ 09 हजार
हांसी सिटी 114 करीब 9 लाख 35 हजार
काफी ऐसे डिफॉल्टर उपभोक्ता हैं, जो अब चक्कर काट-काटकर किस्त बंधवाने या बिल में माफी देने की मांग कर रहे हैं। मगर अब कुछ नहीं हो सकता है, पीछे का सारा बिल भरने पर ही एनओसी दी जाएगी। यहां तक कि राशनकार्ड में शामिल एक भी व्यक्ति डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए। डीएल हंसु, एसई बिजली निगम