भारतीय सेना की स्पेशल टीम शनिवार को हिसार शहर पर फूलों की बरसात करेगी। वर्ष 1965 की गोल्डन जुबली के मौके पर आर्मी कैंट एरिया में एयर शो का आयोजन भी होगा, जिसमें हवाई जहाज खास तरह के करतब दिखाएंगे। बच्चों के लिए आसमान से चॉकलेट भी बरसेंगी।
भारतीय सेना की ओर से वर्ष 1965 की गोल्डन जुबली ईयर को देशभर में मनाया जा रहा है, जिसमें वायुसेना की एक टीम तीन एयरक्राफ्ट के साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में शो आयोजित कर रही है। इसके जरिए लोगों को युद्ध के बारे में अवगत कराते हुए शहीदों को श्रद्धांजलि दी जा रही है।
सेना का यह दस्ता लेफ्टिनेंट कमांडेंट एमएस चावला के नेतृत्व में शनिवार को हिसार पहुंचेगी। हिसार शहर के कुछ हिस्सों पर फूलों की बरसात करने के बाद आर्मी कैंट एरिया में फूल बिखरेगी। वायु सैनिक पैराशूट के जरिए जंप लगाएंगे। भारतीय तिरंगे के तीनों रंग के पैराशूट के जरिए आसमान में तिरंगा दिखाया जाएगा। यह एयरक्राफ्ट करतब करीब आधा घंटा तक चलेंगे।
यहां हुए एयर शो
5 सितंबर को भुज, 8 को जोधपुर, 9 को सूरतगढ़, 10 को भटिंडा
टीम में 24 का स्पेशल स्टाफ
इस एयर शो की टीम में छह पायलट की टीमें हैं। इसके अलावा 18 जांबाज सैनिक शामिल हैं। यह दस्ता लेफ्टिनेंट कमांडेंट एमएस चावला, लेफ्टिनेंट एमएस रंधावा के नेतृत्व में शो आयोजित कर रही है। हिसार के बाद यह टीम राजस्थान के कोटा की ओर रवाना होगी।
आसमान में दिखेगा जय हिंद
इन एयर क्राफ्ट के नीचे की ओर 45 फीट लंबे और 30 फीट चौड़े बैनर लटकाए जाएंगे। जिन पर जय हिंद, जय जवान-जय किसान और 1965 गोल्डन जुबली वर्ष लिखा होगा। यह संदेश जनता को दिखाई दें, इसलिए एयरक्राफ्ट अधिक ऊंचाई पर नहीं होंगे।
हमने हिसार आर्मी कैंट एरिया से संपर्क किया है। वहां के ऑफिसर अनुमति देंगे तो शहर पर फूलों की बरसात करेंगे। शनिवार शाम हिसार आर्मी कैंट एरिया में अपना एयर शो करेंगे। करीब आधे घंटे में फूलों के अलावा चॉकलेट-टॉफी भी बरसाएंगे। एमएस चावला, टीम लीडर, लेफ्टिनेंट. कमांडेंट, मऊ
1965 के युद्ध में हिसार के पांच लोगों ने दी थी शहादत
हिसार सैनिक कल्याण बोर्ड से मिले रिकार्ड के अनुसार वर्ष 1965 के युद्ध में हिसार के जवान शहीद हुए थे। स्याहड़वा के पृथ्वी सिंह, मिर्चपुर के निवासी बदन सिंह, हिसार अर्बन इस्टेट निवासी बासव सिंह, खरक पूनिया निवासी शेर सिंह, बुड़ाना निवासी रघुबीर सिंह युद्ध में शहीद हुए थे।