मीडिया से बातचीत करते मेघालय के डीजीपी एलआर बिश्नोई।
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हिसार। देश का हर सातवां सैनिक हरियाणा व पंजाब से है। यदि हरियाणा व पंजाब के युवाओं को नशे में डूबो दिया जाए तो आर्मी की ताकत भी कम हो जाएगी। इसके लिए अब पाकिस्तान ड्रोन के जरिये देश में दो से तीन किलोमीटर अंदर तक नशे की खेप पहुंचा रहा है। यह कहना है मेघालय के पुलिस महानिदेशक एवं फतेहाबाद के चिंदड़ गांव के एलआर बिश्नोई का। वह शुक्रवार को हिसार के सेक्टर-15 स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि दक्षिणी एशिया में थाईलैंड, लाओस और मयंमार के बॉर्डर पर बना गोल्डन ट्राई एंगल और अफगानिस्तान, पाकिस्तान व पूर्वी ईरान की सीमाओं पर बना गोल्डन क्रेसंट देश में नशे के कारोबार की जड़ है। इन स्थानों से पूरे देश में हेरोइन की सप्लाई की जा रही है। इस नेटवर्क को तोड़ना सबसे बड़ी चुनौती है। गुवाहाटी, कोहिमा के अलावा मेघालय की राजधानी शिलांग गोल्डन ट्राई एंगल से सप्लाई होने वाली हेरोइन का एक प्वाइंट है। पिछले दो माह में उन्होंने अपनी टीम की मदद से करीब 60 करोड़ कीमत की हेरोइन पकड़ी है।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि चार तरह की रणनीति को युद्ध स्तर पर चलाने से ड्रग फ्री इंडिया का सपना साकार हो सकता है। गांव-गांव जाकर युवाओं को नशे के खिलाफ जागरूक करना होगा। नशे कारोबारियों को सजा दिलाने के लिए पुलिस मजबूती से काम करे। नशे के आदी युवाओं का नशा मुक्ति केंद्र में निशुल्क उपचार दिलाएं। उन्होंने कहा कि 150 मिलीग्राम हेरोइन की डोज कोई युवक तीन बार ले ले तो वह इसका आदी हो जाता है। नशे के कारोबारी पहले हेरोइन को निशुल्क में देते हैं, इसके बाद आदी होने के बाद उसे ग्राहक बना लेते हैं।
आईएएस-आईपीएस बनने के लिए करें कड़ी मेहनत
उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि आईपीएस-आईएएस बनने के लिए कड़ी मेहनत करें। ऐसा सपना देखें कि जो आपको सोने न दे। मेहनत करते हुए आप थकें ना, दिन भर मेहनत के बाद भी आपको थकन महसूस न हो। मेहनत के बाद आपको थकावट के बजाय सकून महसूस होना चाहिए, तभी आप सफलता पा सकते हैं।