हिसार। जिले की मंडियों में धान की आवक और खरीद जारी है। अब तक 57,049 मीट्रिक टन धान मंडियों में पहुंच चुका है। सरकारी एजेंसियों ने इसमें से 40,117 मीट्रिक टन ग्रेड-ए धान खरीदा है। कुल खरीद में से 31,372 मीट्रिक टन की उठान हो चुकी है।
उठान की गई धान के मुकाबले किसानों को 93 प्रतिशत भुगतान किया गया है। अब तक 10,963 किसान सरकारी एजेंसियों को धान बेच चुके हैं। किसानों के खातों में 69 करोड़ रुपये पहुंचाए जा चुके हैं। जिले में इस सीजन 65 हजार मीट्रिक टन धान की आवक का अनुमान लगाया गया था।
पिछले साल करीब 48 हजार मीट्रिक टन धान मंडियों में पहुंचा था। इस बार बिजाई के अनुपात में अनुमान बढ़ाया गया है। खाद्य आपूर्ति विभाग, हैफेड और हरियाणा वेयरहाउस कॉरपोरेशन (एचडब्ल्यूसी) सात मंडियों में खरीद कर रहे हैं। इनमें बरवाला, बालसमंद, दौलतपुर, उकलाना, पाबड़ा, हिसार और आदमपुर शामिल हैं।
भुगतान में खाद्य आपूर्ति विभाग सबसे आगे है। विभाग ने 100 प्रतिशत भुगतान किया है। एचडब्ल्यूसी ने 90 प्रतिशत और हैफेड ने 89 प्रतिशत भुगतान किया है। खाद्य आपूर्ति विभाग ने निर्धारित 72 घंटे की अवधि में पूरा भुगतान किया है।
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एचडब्ल्यूसी खरीद में सबसे आगे
खरीद के मामले में एचडब्ल्यूसी आगे है। एजेंसी ने 17,717 मीट्रिक टन धान खरीदा है। खाद्य आपूर्ति विभाग ने 14,787 और हैफेड ने 7,613 मीट्रिक टन धान की खरीद की है। 25 अक्तूबर तक कुल खरीद का करीब 78 प्रतिशत धान मंडियों से उठाया जा चुका था। मंडियों में अभी 8,745 मीट्रिक टन धान शेष है। ग्रेड-ए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,461 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित है।
उकलाना मंडी में सबसे ज्यादा आवक
उकलाना मंडी में सर्वाधिक 36,413 मीट्रिक टन धान पहुंचा। इसमें से 25,399 मीट्रिक टन की खरीद और 19,895 मीट्रिक टन की उठान हो चुकी है। बरवाला में 14,053 मीट्रिक टन आवक के मुकाबले 11,150 मीट्रिक टन धान खरीदा गया। 9,095 मीट्रिक टन की उठान हुई। पाबड़ा मंडी में 4,412 मीट्रिक टन धान पहुंचा। इसमें से 2,847 मीट्रिक टन खरीदा और 2,340 मीट्रिक टन की उठान हुई। आदमपुर में 1,464 मीट्रिक टन आवक हुई। 721 मीट्रिक टन की खरीद हुई जबकि उठान केवल 42 मीट्रिक टन की हुई। हिसार, बालसमंद और दौलतपुर मंडियों में धान की आवक शून्य रही।
बाजरा और मूंग की सरकारी खरीद नहीं
25 अक्तूबर तक जिले की मंडियों में 15,055 मीट्रिक टन बाजरा पहुंचा। इसमें से व्यापारियों ने 11,508 मीट्रिक टन खरीदा। बाजरे की सरकारी खरीद शून्य रही। किसानों को भावांतर भरपाई योजना के तहत लाभ दिया जाएगा। मूंग की भी सरकारी खरीद नहीं हुई है।
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जिले की सात मंडियों में धान की खरीद की जा रही है। अब तक 10,963 किसानों ने सरकारी एजेंसियों को धान बेचा है। किसानों को 69 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उठान के मुकाबले 93 प्रतिशत भुगतान हुआ है। खाद्य आपूर्ति विभाग ने 100 प्रतिशत भुगतान किया है। - अमित शेखावत, जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक, हिसार।