शहर के जिंदल चौक से कुछ दूरी पर स्थित एक निजी अस्पताल में मंगलवार देर रात जमकर हंगामा हुआ। दरअसल यहां ऑक्सीजन की कमी होने के कारण मरीजों को अस्पताल से रेफर करने के लिए कह दिया गया था। जिस पर उनके तीमारदार गुस्से में आ गए और हंगामा किया।
सूचना मिलते ही अर्बन एस्टेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले को संभाला। इसके बाद प्रशासन द्वारा मरीजों को रेफर करने की प्रक्रिया शुरू की गई। उस दौरान अस्पताल में करीब 14 संक्रमित मरीज दाखिल थे, जिनका उपचार चल रहा था। खबर लिखे जाने तक उनमें से 6 मरीजों को ऑक्सीजन की कमी के चलते जिला नागरिक अस्पताल में रेफर किया गया। बाकी बचे 8 मरीजों के लिए प्रशासन ऑक्सीजन सिलिंडर की व्यवस्था करने में जुटा रहा। मिली जानकारी के अनुसार 5 ऑक्सीजन सिलिंडर अभी अन्य जगह में मंगवा लिए गए थे। जानकारी मिली है कि इस अस्पताल की ओर से इन मरीजों को लिए जब ऑक्सीजन सिलिंडर की मांग की गई तो इन्हें कहा गया था कि 12 सिलिंडर का कोटा पूरा हो चुका है। लिमिट से ज्यादा सिलिंडर जब इन्हें नहीं मिले तो अस्पताल प्रशासन मरीजों को रेफर करने के लिए मजबूर हुआ। हालांकि बाकी के 8 मरीजों को भी रेफर किए जाने की बात की जा रही थी। मौके पर नारनौंद एसडीएम भी पहुंचे।
तीसरी बार सामने आया ऑक्सीजन खत्म होने का मामला
इस बार कोरोना काल में यह तीसरा मामला सामने आया है कि अस्पताल में ऑक्सीजन के खत्म हुई। इससे पहले सोनी बर्न अस्पताल और सुखदा अस्पताल में भी ऑक्सीजन की कमी के चलते काफी हंगामा हुआ था। हालांकि, सोनी बर्न अस्पताल में 5 संक्रमित मरीजों की ऑक्सीजन की कमी से मौत हुई थी।
रेमडेसिविर टीके की आपूर्ति को लेकर बैठक की
अतिरिक्त उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों के साथ बैठक कर रेमडेसिविर टीके की आपूर्ति को लेकर बैठक की। इसके तहत कोविड-19 प्रोटोकॉल के अंतर्गत आने वाले निजी और सरकारी अस्पतालों को रेमडेसिविर टीके की सप्लाई को लेकर रिपोर्ट तैयार की गई की कि किस अस्पताल को कितने रेमडेसिविर टीके दिए जाने हैं। इनमें सबसे अधिक सर्वोदय और सीएमसी अस्पताल को 15-15, गीतांजलि अस्पताल को 14, जिंदल अस्पताल को 9 और रविंद्रा व सिंगला अस्पताल को 4-4 रेमडेसिविर टीके दिए गए हैं।