सांसद जयप्रकाश को ज्ञापन सौंपत संयुक्त किसान मोर्चा हिसार के सदस्य। स्रोत : संगठन
हिसार। राष्ट्रीय संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य किसानों-मजदूरों ने रविवार को सांसद और मंत्री रणबीर गंगवा, हिसार की विधायक सावित्री जिंदल, नलवा के विधायक रणधीर पनिहार को प्रमुख मांगों का ज्ञापन सौंपा। मोर्चा नेताओं ने 9 दिसंबर 2021 के लिखित आश्वासनों को लागू नहीं करने को किसानों के साथ विश्वासघात बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो 26 नवंबर से देशव्यापी किसान संघर्ष फिर शुरू किया जाएगा।
ज्ञापन में सभी फसलों के लिए सी2+50 प्रतिशत की दर से कानूनी एमएसपी और खरीद की गारंटी, किसानों-मजदूरों की कर्जमाफी तथा 25 लाख रुपये मुआवजे की मांग की गई। सभी मुक्त व्यापार समझौतों को रद्द करने, श्रम संहिताएं वापस लेने, न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने और मनरेगा में काम व दैनिक मजदूरी सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई।
किसानों ने बिजली के निजीकरण और बीज विधेयक को वापस लेने, जबरन भूमि अधिग्रहण रोकने तथा भूमि अधिकारों की रक्षा की मांग की। एफसीआई को मजबूत करने, अडानी-लीप इंडिया के अधिकार समाप्त करने, उर्वरक व डीजल की कालाबाजारी रोकने और प्रभावी फसल बीमा व राहत व्यवस्था की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।
किसानों-मजदूरों के लिए 10 हजार रुपये मासिक सामाजिक सुरक्षा पेंशन, लोकतांत्रिक अधिकारों पर दमन रोकने और धर्म के नाम पर नफरत की राजनीति समाप्त करने की मांग की गई। संयुक्त किसान मोर्चा मंगलवार को पुलिस अधीक्षक से मिलकर सफाई कर्मचारियों के मुद्दे पर कार्रवाई की मांग करेगा।
इस अवसर पर शमशेर सिंह नंबरदार, सरदानंद राजली, राजीव मलिक, ईश्वर वर्मा बाडोपट्टी, अनिल बैंदा, सतपाल शर्मा, सुरेंद्र मान और देवेंद्र सिंह लौरा आदि मौजूद रहे।