हिसार। पुरानी पेंशन बहाली की मांग के लिए कर्मचारी 24 नवंबर को हिसार में मार्च निकालेंगे। पेंशन बहाली संघर्ष समिति हरियाणा की ओर से मार्च में जिलेभर से हजारों कर्मचारियों के शामिल होने का दावा किया गया है। राज्य प्रधान विजेंद्र धारीवाल और महासचिव ऋषि नैन मुख्यवक्ता रहेंगे।
मार्च की तैयारियों के लिए रविवार को समिति की इकाई की बैठक हुई। जिलाध्यक्ष दिनेश पाबड़ा ने बताया कि समिति 2 अगस्त को रोहतक से पेंशन संकल्प मार्च की शुरुआत कर चुकी है। इनके माध्यम से मुख्यमंत्री हरियाणा और प्रधानमंत्री भारत को पुरानी पेंशन बहाली के लिए ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं।
पाबड़ा ने बताया कि हिसार में करीब 20,000 कर्मचारी मार्च में भाग लेंगे। प्रदेश के लगभग सवा दो लाख कर्मचारी नई पेंशन योजना से प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पेंशन के नाम पर 2,000 से 5,000 रुपये मिल रहे हैं। जबकि उनका अंतिम वेतन छह अंकों में था। उनका दावा है कि यह राशि पेंशन नहीं बल्कि पीएफआरडीए में जमा उनके पैसे का ब्याज है।
जिला वरिष्ठ उपप्रधान अनूप सातरोड ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली तक संघर्ष जारी रहेगा। राज्य कार्यकारिणी सदस्यों स्वराज वर्मा और अमर कुमार ने विचार रखे। बैठक में चरण सिंह, पंकज खटक, दलबीर सिंह, अनिल जांगड़ा, मनोज सिवाच, प्रवीण चाहर, प्रवीण कुमार और रमेश यादव मौजूद रहे।