राष्ट्रीय महासचिव डी. राजामुरुगन का अभिनंदन करते संगठन पदाधिकारी।
हिसार। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) और अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ (एबीवीएमएमएस) ने गुरुग्राम और मेवात में प्रस्तावित समानांतर विद्युत वितरण लाइसेंस की प्रक्रिया का विरोध करते हुए इसे तत्काल रोकने की मांग की है। संगठनों ने कर्मचारियों, अधिकारियों, श्रमिक संगठनों और उपभोक्ता प्रतिनिधियों से व्यापक विचार-विमर्श के बाद ही कोई निर्णय लेने पर जोर दिया।
अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ के महासचिव डी. राजामुरुगन ने कहा कि बिजली आवश्यक सार्वजनिक सेवा है। वितरण व्यवस्था में बड़े बदलाव से पहले सभी पक्षों से पर्याप्त चर्चा जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकारी कंपनियों के पास पहले से उपकेंद्र, ट्रांसफार्मर और अनुभवी कर्मचारी उपलब्ध हैं। ऐसे में समानांतर निजी वितरण व्यवस्था की आवश्यकता, लागत और संभावित लाभ सरकार को स्पष्ट करने चाहिए।
प्रतिनिधियों ने स्थायी और ठेका कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई और सरकार से स्पष्ट नीति बनाने की मांग की। बैठक में समानांतर लाइसेंस प्रक्रिया स्थगित करने का प्रस्ताव पारित किया गया।
बैठक में भारतीय मजदूर संघ के प्रांत मंत्री देवीलाल गुराना, हरियाणा विद्युत बोर्ड कर्मचारी परिषद के महामंत्री एवं स्टेट कन्वीनर जीईएनसी सुनील ढिल्लों, अनुबंधित विद्युत कर्मचारी संघ हरियाणा के कोषाध्यक्ष ओमबीर यादव, अनुशासन समिति सदस्य विक्रम, प्रेस सचिव रवि श्रीवास्तव और जिलाध्यक्ष सुमित शर्मा आदि मौजूद रहे।