नारनौंद। हरियाणा सरकार की ओर से कृषि क्षेत्र के लिए अलग एग्रो डिस्कॉम बनाने, स्मार्ट मीटर लागू करने तथा बिजली वितरण क्षेत्र में निजी कंपनियों को समानांतर लाइसेंस देने की प्रस्तावित योजना के विरोध में मंगलवार को नारनौंद बिजली निगम कार्यालय में कर्मचारियों ने गेट मीटिंग कर प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार के नोटिफिकेशन की प्रतियां जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया और प्रस्तावित नीतियों पर पुनर्विचार की मांग की। गेट मीटिंग की अध्यक्षता कर्मचारी नेता रामदिया शर्मा ने की।
रामदिया शर्मा ने कहा कि प्रस्तावित एग्रो डिस्कॉम में पूरे प्रदेश के लिए केवल 3000 से 3600 कर्मचारियों एवं अधिकारियों की व्यवस्था की बात सामने आ रही है। इतनी कम संख्या में कर्मचारियों के सहारे किसानों को बिजली संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि फॉल्ट ठीक कराने, ट्रांसफार्मर बदलवाने, नए कनेक्शन लेने और अन्य तकनीकी सेवाओं में देरी बढ़ने की आशंका है, जिसका सबसे अधिक असर ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों पर पड़ेगा।
कर्मचारी नेता सत्यवान रंगा ने कहा कि अलग एग्रो डिस्कॉम और समानांतर लाइसेंस की व्यवस्था भविष्य में बिजली क्षेत्र के निजीकरण का आधार बन सकती है। उनका आरोप है कि निजी कंपनियां लाभदायक क्षेत्रों में काम करेंगी जबकि घाटे वाले क्षेत्रों का बोझ सरकारी निगमों पर ही रहेगा।
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि नई व्यवस्था में कर्मचारियों के स्थानांतरण, वरिष्ठता, पदोन्नति, सेवा शर्तों और नौकरी की सुरक्षा को लेकर भी स्पष्ट नीति सामने नहीं आई है। इससे कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। प्रदर्शन के दौरान महिपाल, सुरेश, संदीप जांगड़ा, बिल्लू काजल, लवकुश, धर्मेंद्र, विकास गौतम, मनीष, अजमेर और राजेंद्र जांगड़ा सहित अनेक कर्मचारी उपस्थित रहे।