फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hisar News: पांच प्रतिशत सरपंचों ने ही पोर्टल पर करवाया पंजीकरण

विज्ञापन
विज्ञापन
हिसार।
विज्ञापन

गांव के मुखियाओं के रुचि न लेने के कारण केंद्र सरकार की पीएम विश्वकर्मा योजना को पलीता लग रहा है। सरपंच योजना के पोर्टल पर अपना पंजीकरण नहीं करवा रहे हैं, जिस कारण से लाभार्थी इस योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। स्थिति यह है कि अभी तक मात्र 5 प्रतिशत सरपंचों ने ही पीएम विश्वकर्मा के पोर्टल पर खुद का पंजीकरण कराया है। जिले में कुल 307 पंचायतें हैं। इनमें से 18 ने ही पंजीकरण कराया है। उधर इस योजना के लिए ग्रामीण क्षेत्रों से अभी तक 866 लोग आवेदन कर चुके हैं, लेकिन सरपंचों का पंजीकरण न होने से मात्र 36 को ही मंजूरी मिली है।
बता दें कि केंद्र सरकार ने सितंबर 2023 में पीएम विश्वकर्मा योजना शुरू की थी। इस योजना का मकसद कारीगरों का सर्टिफिकेशन करना, आईडी बनाना और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। इस योजना में कारीगरों की 18 श्रेणियों को शामिल किया गया है। इनमें कारपेंटर (बढ़ई), नाव बनाने वाले, लोहार, ताला बनाने वाले, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार, राज मिस्त्री, मछली का जाल बनाने वाले टूल किट निर्माता, पत्थर तोड़ने वाले, जूता कारीगर, टोकरी, चटाई, झाड़ू बनाने वाले, गुड़िया, अन्य खिलौना निर्माता (पारंपरिक), नाई, माला बनाने वाले, धोबी और दर्जी को शामिल किया गया है।
विज्ञापन

ऐसे करें आवेदन
इस योजना के तहत लाभार्थी किसी सीएससी या अटल सेवा केंद्र पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके बाद ग्रामीण एरिया में सरपंच व शहरी एरिया में डीएमसी उसे वेरिफाई करेंगे। इसके बाद यह आवेदन जिला कमेटी के पास जाएगा, जिसमें उपायुक्त, एमएसएमई के अतिरिक्त निदेशक, एलडीएम और राजनीति से तीन नामांकित लोग शामिल किए गए हैं। इस कमेटी के वेरिफाई करने के बाद आवेदन केंद्र के एमएसएमई के पास भेजा जाएगा। यहां से आवेदन को मंजूरी मिलने के बाद बैंक के पास भेजा जाएगा, जहां से आवेदनकर्ता को ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
ऋण देने से पहले दिया जाएगा प्रशिक्षण
लाभार्थी को ऋण देने से पहले 7 से 15 दिन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान की तरफ से यह प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद लाभार्थी को सर्टिफिकेट दिया जाएगा। साथ ही उसका आईडी कार्ड भी बनाया जाएगा। इस दौरान लाभार्थी को प्रतिदिन के हिसाब से 500 रुपये भत्ता दिया जाएगा। साथ ही टूल किट के लिए 15 हजार रुपये का वाउचर दिया जाएगा। पहली बार में लाभार्थी को एक लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा, जो उसे 5 प्रतिशत ब्याज के साथ 18 माह में लौटाना होगा। यह ऋण लौटाने के बाद उसे 2 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाएगा, जो उसे 30 माह में लौटाना होगा।
जिले में 1231 लाभार्थियों ने किया आवेदन
जिले में अभी तक इस योजना का लाभ उठाने के लिए 1231 लोगों ने आवेदन किया है। इनमें ग्रामीण क्षेत्र से 866 व शहरी क्षेत्र से 396 आवेदन आए हैं। जिला स्तरीय कमेटी के पास सरपंचों से मंजूरी मिलने के बाद 36 व यूएलबी से 101 आवेदन पहुंचे हैं।
विज्ञापन



पिछले दिनों जिला प्रशासन ने इस योजना की समीक्षा बैठक की थी, जिसमें सभी सरपंचों को एक सप्ताह में पोर्टल पर पंजीकरण करवाने को कहा ताकि लोग इस योजना का ज्यादा से ज्यादा लाभ उठा सकें।
-जनक कुमार, अतिरिक्त निदेशक, एमएसएमई
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें