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ऑनलाइन परीक्षा : पीडीएफ अपलोड होती, न पासवर्ड लॉग इन होता व न ही साइट सही चलती

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हिसार। जीजेयू की ओर से ठेके से परीक्षा करवाने से विद्यार्थियों में रोष बढ़ता जा रहा है। अब शुक्रवार को एमए हिंदी के छात्रों ने भी विश्वविद्यालय परिसर में रोष जताया। इसके बाद कुलसचिव को भी शिकायत देकर अपनी समस्या के बारे में अवगत करवाया। अब छात्रों के सामने नई चुनौती सामने आई है। परीक्षा देते समय साइट पर छात्रों को खुद की फोटो तो दिखाई दे रही है, लेकिन यह नहीं पता चल पा रहा कि साइट को कौन हैंडल कर रहा है और कौन परीक्षा करवा रहा है।
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इस वजह से एमए हिंदी के छात्र शुक्रवार दोपहर को कुलसचिव से मिले और अपनी समस्या का समाधान कराने की मांग की। साइट पर कई तरह की समस्या आ रही है। किसी की पीडीएफ अपलोड नहीं हो रही तो किसी का पासवर्ड गलत बता रहा। कई बार तो साइट पर अचानक पीडीएफ अपलोड हो जाती है। ऐसे में छात्रों को डर है कि कहीं पेपर देते समय बीच में ही पीडीएफ अपलोड ना हो जाएं, जिससे कि वह फेल हा जाए।
छात्रों का कहना है कि पहले विभाग द्वारा ही परीक्षा ली जाती थी। उस समय कोई दिक्कत होती थी तो उनको बता देते थे। समाधान हो जाता था। अब किसी निजी कंपनी को ठेका देकर परीक्षा करवाई जा रही है। इस पर रोबोट की तरह काम है और कोई भी सुनने वाला नहीं। उनके विभाग के स्टाफ अच्छा है। साइट से भी कोई शिकायत नहीं। कोई भी परीक्षा लें। सिर्फ हमें पता चले कि साइट को हैंडल कर रहा है और वह साइट से जुड़ा रहे। ताकि दिक्कत हो तो उनको बता सके। छात्रों का कहना है कि उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहा। जब कंपनी की साइट पर फोन करते है तो कहते है कि आप अपनी समस्या विश्वविद्यालय को बताएं। जब विश्वविद्यालय के हेल्पलाइन नंबर पर फोन करते है तो कहते है कि हम कुछ नहीं कर सकते। आप साइट के नंबर पर संपर्क करें।
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चार दिन से मॉक टेस्ट के चक्कर में उलझे छात्र
छात्रों का कहना है कि मॉक टेस्ट के चक्कर में चार दिन से उलझे हुए है कि कैसे होगे पेपर। न तो परीक्षा की तैयारी कर पा रहे है और न ही साइट से मोक टेस्ट की प्रक्रिया समझ में आ रही। साइट के फंक्शन बहुत ही पेचीदा है, जो हर किसी छात्र के समझ में नहीं आ रहे।
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