हिसार। हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के साइना नेहवाल कृषि प्रौद्योगिकी प्रशिक्षण एवं शिक्षा संस्थान की ओर से देसी कपास का बीज उत्पादन विषय पर प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर किसानों को देसी कपास का संकर (हाइब्रिड) बीज उत्पादन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। अनुसंधान निदेशक डॉ. जीतराम शर्मा ने इस प्रशिक्षण का शुभारंभ किया। उन्होंने किसानों से फसलों की अधिक उपज लेने के लिए प्रमाणित बीजों को प्रयोग करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बाजार में बिक रहे नकली बीज एवं दवाइयों से सावधान रहना चाहिए। किसान यदि बीज स्वयं तैयार करते हैं तो यह न केवल शुद्ध होगा अपितु उन्हें बाजार से सस्ता भी पड़ेगा। देसी कपास के बीज उत्पादन में उचित पोषक प्रबंधन, कीट एवं रोग प्रबंधन को अनिवार्य बताते हुए बीज उत्पादन से जुड़ी सभी सावधानियों को कुशलता एवं सटीकता से पालन करने का अनुरोध किया।
कार्यक्रम में हिसार जिला के कृषि उप-निदेशक डॉ. विनोद फोगाट ने कपास की उत्तम खेती एवं बीज उत्पादन के लिए आयोजित ऐसे प्रशिक्षण शिविरों को किसानों के लिए महत्वपूर्ण बताया। इस दिशा में हकृवि के कपास अनुभाग के प्रयासों की सराहना की। साइना नेहवाल कृषि प्रौद्योगिकी, प्रशिक्षण एवं शिक्षा संस्थान के सह निदेशक डॉ. ए.के.गोदारा ने किसानों को सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनने का सुझाव दिया। कपास अनुभाग के अध्यक्ष डॉ. करमल सिंह मलिक ने स्वागत संबोधन करते हुए प्रशिक्षण की रूपरेखा पर प्रकाश डाला। डॉ. सोमवीर ने कपास की स्थिति एवं कटाई के बाद देसी कपास के बीज उत्पादन से जुड़ी जानकारी दी।