सिरसा। बिना लाइसेंस होम्योपैथिक दवाओं का भंडारण करने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपी मेडिकल स्टोर संचालकों को दोषी करार देते हुए शाम चार बजे तक न्यायालय में बैठे रहने व 20-20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। आरोपियों के खिलाफ औषधि नियंत्रण अधिकारी संदीप ने कोर्ट में केस दायर किया था।
मामले के अनुसार 29 जून 2016 को वरिष्ठ औषधि नियंत्रण अधिकारी करण सिंह गोदारा ने मंडी डबवाली की कॉलोनी रोड स्थित मैसर्स कशिश मेडिकोज में छापा मारा था। इस दौरान जांच में विभिन्न प्रकार की एलोपैथिक दवाएं और 6 प्रकार की होम्योपैथिक दवाओं का भंडार मिला। संचालक विक्की मेहता व हेमराज मांगे जाने पर औषधि नियंत्रण अधिकारी समक्ष वैध ड्रग लाइसेंस पेश नहीं कर सके। इसके बाद औषधि नियंत्रण अधिकारी ने मेडिकल को सील कर दिया और आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में शिकायत फाइल की। बुधवार को न्यायाधीश कुलदीप सिंह ने दोनों आरोपियों को औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम की धारा 28 के तहत दोषी करार देते हुए 20 हजार रुपये अर्थदंड लगाया और शाम 4 बजे तक न्यायालय में बैठे रहने की सजा सुनाई है।