हिसार। एडीजे सुनील जिंदल की अदालत ने 14 वर्षीय नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में गांव के एक युवक को दोषी करार दिया है जबकि तीन अन्य आरोपियों को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया गया। दोषी युवक को 13 मार्च को सजा सुनाई जाएगी।
मामला वर्ष 2021 का है। नाबालिग के पिता की शिकायत पर पुलिस ने शुरुआत में भारतीय दंड संहिता की धारा 363 और 366ए के तहत केस दर्ज किया था। शिकायत में बताया गया था कि उसकी बेटी ताऊ के घर जाने की बात कहकर घर से निकली थी लेकिन वापस नहीं लौटी।
तलाश के बाद पुलिस ने नाबालिग को बरामद कर लिया। लड़की के बयान के आधार पर मामले में पोक्सो एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गईं। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच पूरी होने के बाद अदालत में चालान पेश किया था। मंगलवार को जिला अदालत ने सुनवाई के बाद एक आरोपी को दोषी ठहराया और तीन अन्य को बरी कर दिया। दोषी को 13 मार्च को सजा सुनाई जाएगी।
नाबालिग से छेड़छाड़ मामले में दोषी को तीन साल की सजा
एडीजे सुनील जिंदल की अदालत ने नाबालिग से छेड़छाड़ के मामले में दोषी अमित को तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 14 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त सजा काटनी होगी। सदर थाना पुलिस ने इस मामले में वर्ष 2020 में केस दर्ज किया था। शिकायत के बाद आरोपी अमित को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद अदालत में चालान पेश किया था। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। संवाद