माई सिटी रिपोर्टर
हिसार। जिला सभागार में शुक्रवार को नगर निगम हाउस की समीक्षा बैठक हंगामेदार रही। बैठक में बरसाती नालों, सीवर व सेक्टरों के खाली प्लॉट की सफाई के मुद्दे पर पार्षदों ने अधिकारियों से सवाल-जवाब किए। इस पर अधिकारियों ने हाथ खड़े कर कहा कि हमारे पास सीवर सफाई के लिए न तो जैटिंग मशीन है और न ही बजट। अधिकारियों की यह बात सुनकर पार्षद बोले क्या उन्हें चंदा एकत्रित करके यह काम करवाना पड़ेगा।
बता दें कि निगम की हाउस की बैठक 22 व 23 जनवरी को आयोजित की गई थी। इस दौरान शहर से जुड़े विभिन्न एजेंडों पर मुहर लगी थी। इन्हीं एजेंडों पर अभी तक हुए कार्यों की समीक्षा को लेकर बैठक हुई। बैठक में पार्षद अमित ग्रोवर ने कहा कि पूरे शहर के सेक्टरों में सीवर व्यवस्था ठप पड़ी है। दो-तीन साल से इनकी सफाई ही नहीं हुई है, क्योंकि विभाग के पास जैटिंग मशीन नहीं है। इस पर एक्सईएन भूपेंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने जैटिंग मशीन को लेकर एस्टीमेट बनाकर भेजा हुआ है, लेकिन मंजूरी नहीं मिल रही है। सीवर लाइन छोटी होने के कारण जनस्वास्थ्य विभाग की सुपर सकर मशीन कारगर नहीं है।
मेयर बोले- मुख्यमंत्री से मिलकर मशीन की दिलाएंगे मंजूरी
निगमायुक्त ने कहा कि जैटिंग मशीन किराये पर लेकर सफाई करवा दो तो एक्सईएन ने कहा कि इसके लिए उनके पास बजट नहीं है। सीवर सफाई पर एक साल में सिर्फ दो लाख रुपये तक खर्च कर सकते हैं, जिसमें सेक्टर के एक ब्लॉक के सीवरों की सफाई हो सकती है। यही मुद्दा पार्षद कविता केड़िया ने भी उठाया। उन्होंने कहा कि जब अधिकारियों के पास सीवर की समस्या को लेकर जाते हैं तो एक ही जवाब मिलता है कि उनके पास बजट नहीं है। इस पर मेयर ने एक्सईएन कहा कि मैं मुख्यमंत्री से मिलकर इस मशीन के लिए मंजूरी दिला दूंगा।
आज तक दिल्ली रोड नाले का डेमो करके नहीं दिखाया
वार्ड-13 के पार्षद उमेद खन्ना ने दिल्ली रोड बरसाती नाले का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि दिल्ली रोड बरसाती नाले को बनाकर इसे पुराने नाले में ही जोड़ दिया। अधिकारियों को खुद पता नहीं इसका पानी कहां जाता है। अधिकारी इसका डेमो करके दिखा दे तो सच्चाई सामने आ जाएगी। इस पर जेई राजकुमार ने कहा कि नाला एकदम सही बना है, बस इसका इनटेक स्लो है। इस पर निगमायुक्त अशोक गर्ग ने पूछा कि क्या इस नाले की सफाई करवाई गई है तो निगम के एक अधिकारी ने कहा कि निगम ने पिछले वर्ष सफाई करवाई थी। निगमायुक्त ने कहा कि क्या यह नाला निगम के पास है तो निगम के अधिकारियों ने कहा कि यह नाला बीएंडआर ने बनाया था और अभी तक उनके पास ही है। हमने बीएंडआर से नाले का डेमो करके दिखाने की मांग रखी थी, लेकिन आज तक बीएंडआर ने इसका डेमा करके नहीं दिखाया। निगमायुक्त ने कहा कि जब नाला बीएंडआर के पास है तो निगम ने इसकी सफाई क्यों करवाई। इस पर मेयर व निगमायुक्त ने कहा कि टैंकरों की मदद से पानी डलवाकर इस नाले का डेमो करवाओ। अगर सब ठीक मिलता है तो इसका हैंडओवर कर लो।
एचएसवीपी अधिकारी से एक्सटेंशन फीस का मांगा हिसाब
बैठक में सेक्टरों के खाली पड़े प्लॉटों की सफाई का मुद्दा भी उठाया गया, चूंकि यह मामला संपदा अधिकारी से संबंधित था, लेकिन वह मीटिंग में नहीं पहुंचे। इस पर मेयर ने कहा कि उन्हें फोन करके मीटिंग में बुलाया जाए। इसके बाद संपदा अधिकारी उदय सिंह बैठक में पहुंचे।
पार्षद अमित ग्रोवर ने कहा कि विभाग सेक्टर में खाली पड़े प्लॉट की सफाई नहीं करवाता है अगर पार्षद या सेक्टरवासी खुद करवाते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। पार्षद ने कहा कि विभाग सेक्टरवासियों से एक्सटेंशन फीस लेता है। जब विभाग खाली प्लॉट की सफाई ही नहीं करवाता तो एक्सटेंशन फीस कहां जाती है। पार्षद कविता केड़िया, जगमोहन मित्तल ने भी उनकी इस बात का समर्थन किया। संपदा अधिकारी ने कहा कि वह कमेटी बनाकर सभी सेक्टरों का सर्वे करा देंगे और फिर इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
24 जुलाई तक पूरी हो जाएगी सीवरों की सफाई : त्यागी
सीवर सफाई पर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि उनके पास जो सुपर सकर मशीन है, उससे चार जिलों के कार्य किए जाते हैं। इसके अलावा कभी-कभी वह मशीन खराब भी हो जाती है। इस पर मेयर व निगमायुक्त ने कहा कि तुमने मशीन को लेकर एस्टीमेट क्यों नहीं तैयार किया। मेयर ने कहा कि मुझे दो हफ्ते के अंदर शहर के सभी वार्डों के सीवर व पानी संबंधी सभी एस्टीमेट तैयार करके दो, उन्हें मैं मंजूर करवा दूंगा। सीवरों की सफाई पर एक्सईएन एसके त्यागी ने कहा कि 24 जुलाई तक सभी सीवरों की सफाई का काम पूरा हो जाएगा।